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लाइफस्टाइल न्यूज़

ओलंपिक: जर्मन महिला जिम्नास्ट के कपड़ों पर क्यों टिक गईं सबकी नजरें?

टोक्यो ओलंपिक
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टोक्यो ओलंपिक में दुनिया भर के खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं. खेल में अपने जौहर दिखाने के अलावा जर्मनी की महिला जिमनास्टिक्स ने जो किया, उसकी हर तरफ चर्चा हो रही है. जर्मन महिला खिलाड़ियों ने खेल के जरिए 'फ्रीडम ऑफ चॉइस' यानी अपने पसंद के कपड़े पहनने की आजादी को प्रमोट करने का फैसला किया.

Photo: Reuters

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रविवार को हुए मुकाबले में जर्मनी की महिला जिमनास्टिक्स फुल बॉडी सूट में नजर आईं. खिलाड़ियों का कहना था कि ये कपड़े पसंद की आजादी को बढ़ावा देने और महिलाओं को प्रोत्साहित करने के हिसाब से डिजाइन किए गए हैं ताकि महिला खिलाड़ी इसमें सहज महसूस कर सकें.


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टीम की खिलाड़ियों सारा वॉस, पॉलीन शेफर-बेट्ज, एलिजाबेथ सेट्ज और किम बुई ने लाल और सफेद रंग के यूनिटार्ड पहन कर मैदान में उतरीं. ये लियोटार्ड और लेगिंग्स को मिलाकर बनाया गया था. ये ड्रेस पूरे पैर को कवर कर रही थी.


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इस टीम ने अपने ट्रेनिंग के दौरान भी ऐसे ही कपड़े पहने थे. खिलाड़ियों ने उस समय भी दिए अपने कई इंटरव्यू में कहा था कि वो फाइनल कंपटीशन में भी फ्रीडम ऑफ चॉइस को प्रमोट करने के लिए ऐसे ही कपड़े पहनेंगी. सारा वॉस ने द जापान टाइम्स को बताया कि उनकी टीम ने फाइनल यूनिटार्ड से पहले इस पर चर्चा भी की थी.
 


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21 साल की वॉस ने कहा, 'जैसे-जैसे आप एक महिला के रूप में बड़ी होती जाती हैं, वैसे-वैसे अपने नए शरीर के साथ सहज होना काफी मुश्किल हो जाता है. हम यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि हम जो भी पहनें उसमें हम अच्छे दिखने के साथ-साथ सहज भी महसूस करें. भले ही वो शॉर्ट यूनिटार्ड हो या लॉन्ग'.


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वॉस ने कहा कि उनकी टीम ने अप्रैल में यूरोपीय चैंपियनशिप में भी फुल बॉडी सूट पहना था. इसका मकसद खेल में सेक्सुलाइजेशन को बढ़ावा ना देना है. हम एक रोल मॉडल बनना चाहते थे ताकि लोगों में हमें फॉलो करने की हिम्मत आ सके.' जर्मन खिलाड़ियों के इस फैसले की हर कोई सराहना कर रहा है.

Photo: Getty Images 

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आपको बता दें कि प्रतियोगिताओं में महिला जिमनास्टिक्स को पूरे या हाफ बाजू वाले पारंपरिक लियोटार्ड पहनना होता है. अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पैरों को ढंकने वाले कपड़े पहनने की अनुमति तो है लेकिन फिर भी अब तक महिला खिलाड़ी इसका इस्तेमाल धार्मिक कारणों से ही करती थीं. ये पहली बार है जब फ्रीडम ऑफ चॉइस के तहत महिला खिलाड़ियों ने इस तरह के कपड़े पहनने का फैसला किया है.

Photo: Getty Images 

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पिछले कुछ सालों में खेल प्रतियोगिताओं में बढ़ते यौन और शारीरिक शोषण के कई मामलों ने महिला खिलाड़ियों की चिंता बढ़ा दी है. अब एथलीटों की सुरक्षा के लिए कई नए सेफ्टी प्रोटोकॉल भी बनाए जा रहे हैं.
 

Photo: Getty Images