scorecardresearch
 
लाइफस्टाइल न्यूज़

Live Longer: क्या है लंबी उम्र का राज? 6 चीजों का ख्याल रखने से बढ़ सकती है जीवन रेखा

क्या है लंबी उम्र का राज?
  • 1/10

लंबी उम्र पाना कोई बड़ा रहस्य नहीं है. प्रतिबद्धता और विशेष रूप से कुछ बातों पर ध्यान देकर जीवन रेखा बढ़ाई जा सकती है. रीजेनेरेटिव मेडिसिन के एक्सपर्ट डॉ. आमेर खान ने Express.co.uk के हवाले से कहा, 'एक साधारण डायट्री ट्रिक इंसान के जीवन को लंबा कर सकती है.' इसके लिए उन्होंने छह बातों पर ध्यान देने की सलाह दी है.

Photo: Getty Images

ओवर कंसप्शन
  • 2/10

मांस-मछली- डॉ. खान कहते हैं कि मांस-मछली खाने वाले लोगों को ये सुनिश्चित करना चाहिए कि जिस मीट का वे सेवन कर रहे हैं, वो किसी 'हेल्दी लाइवस्टॉक सोर्स' से प्राप्त हो रहा है. उदाहरण के लिए प्राकृतिक नदी या समुद्र से मिलने वाली मछलियों का मांस ज्यादा सेहतमंद होता है.

मांस-मछली
  • 3/10

मांस-मछली- मांस-मंछली का सेवन करते समय उसकी क्वांटिटी का भी ख्याल रखें. ओवर कंसप्शन से बचें और हेल्थ एक्सपर्ट द्वारा बताई गईं गाइडलाइंस का पालन करें. एक्सपर्ट के मुताबिक, हमें अपनी हथेली के आकार से ज्यादा बड़े टुकड़े का सेवन नहीं करना चाहिए.

कार्ब्स का प्योरेस्ट फॉर्म
  • 4/10

कार्ब्स का प्योरेस्ट फॉर्म- लो GI वाला कार्बोहाइड्रेट हमारी सेहत के लिए हाई GI वाले कार्ब्स से ज्यादा बेहतर होता है. GI कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य पदार्थों के लिए एक रेटिंग सिस्टम है, जो ये बताता है कि एक फूड कितनी तेजी से आपके ब्लड शुगर (ग्लूकोज) लेवल को प्रभावित करता है. डॉ. खान के मुताबिक, अनप्रोसेस्ड कार्बोहाइड्रेट्स लॉन्ग-लास्टिंग हेल्थ के लिए जरूरी है. इसके लिए आप कलरफुल फलों और सब्जियों का उपयोग कर सकते हैं.

कैलोरी इनटेक
  • 5/10

कैलोरी इनटेक- डॉ. खान ने कहा, 'जानवरों पर आधारित एक शोध बताता है कि कैलोरी इनटेक में 10-50 प्रतिशत की कमी उम्र बढ़ाने में मददगार हो सकती है. इंसानों पर हुई एक स्टडी के मुताबिक भी लो कैलोरी इनटेक से लोगों में बीमारी का खतरा कम रहता है और उनकी उम्र भी लंबी होती है. कैलोरी रिस्ट्रिक्शन से मोटापे या बैली फैट की समस्या कम होती है.'

मसाले और जड़ी बूटियां
  • 6/10

मसाले और जड़ी बूटियां- डॉ. खान कहते हैं कि मसाले और जड़ी बूटियां न सिर्फ हमारे खाने का जायका बढ़ाते हैं, बल्कि इससे हमारी सेहत को भी बड़े फायदे होते हैं. इस बात के साक्ष्य मौजूद हैं कि पहले इनका इस्तेमाल कई तरह की बीमारियों से बचने के लिए किसी दवा की तरह किया जाता था. साथ ही हमें डाइट में नमक की मात्रा भी संतुलित रखनी चाहिए.

कैल्शियम और मैग्नीशियम
  • 7/10

कैल्शियम और मैग्नीशियम- हमारी हड्डियों की मजबूती के लिए कैल्शियम बहुत जरूरी होता है. कुछ स्टडी में ऐसे भी दावे किए गए हैं कि इससे कैंसर, डायबिटीज और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम होता है. ये हमारे ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने में भी मददगार हैं. शरीर में कैल्शियम के एब्सर्प्शन के लिए मैग्नीशियम भी बहुत जरूरी है. व्हे प्रोटीन, बीन्स, तिल, हरी पत्तेदार सब्जियां, केल, ब्रोकली और बादाम इन दोनों के अच्छे स्रोत माने जाते हैं.

विटामिन बी12
  • 8/10

विटामिन बी12- विटामिन बी12  न सिर्फ हमारे शरीर का एनेर्जी लेवल बढ़ाता है, बल्कि न्यूरोलॉजिकल प्रोटेक्शन भी देता है. कुछ स्टडीज में दावा किया गया है कि विटामिन बी12 की कमी से डेमेंशिया और अल्जाइमर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ने की संभावना ज्यादा रहती है. हेल्दी रेड ब्लड सेल्स के प्रोडक्शन, कार्डियोवस्कुलर, डायजेस्टिव सिस्टम के साथ-साथ कैंसर जैसी भयंकर बीमारियों से भी यह बचाव करता है.

क्या कहते हैं पहले हुए शोध
  • 9/10

क्या कहते हैं पहले हुए शोध- कुछ समय पहले नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ रिसर्च के शोधकर्ताओं ने एक स्टडी में दावा किया था कि इंसान का बीएमआई (बॉडी मास इंडेक्स) भी आयु के मामले में बहुत मायने रखता है. स्टडी में कहा गया था कि हल्की चाल चलने वाले लोगों में दिल की बीमारी होने की संभावना ज्यादा रहती है.

Photo: Getty Images

वजन और फिजिकल एक्टिविटी
  • 10/10

वजन और फिजिकल एक्टिविटी- इससे पहले हुई स्टडी में बताया गया था कि लोगों का वजन और फिजिकल फिटनेस दोनों ही लोगों की आयु के लिए जिम्मेदार होते हैं.