scorecardresearch
 
लाइफस्टाइल न्यूज़

कोरोना वैक्सीन में सिर्फ 4 हफ्तों का इंतजार, डोज बनने में सालों लगने पर क्या बोले ट्रंप?

कोरोना वैक्सीन आने में सिर्फ 4 हफ्तों का इंतजार
  • 1/6

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald trump) ने एक बार फिर कोरोना वैक्सीन पर दुनिया की उम्मीदों को मजबूत किया है. टाउन हॉल में आयोजित एक ईवेंट में राष्ट्रपति ने ट्रंप ने एबीसी न्यूज के हवाले से कहा कि चार सप्ताह के भीतर वैक्सीन (Corona virus vaccine) का शॉट तैयार कर लिया जाएगा. बता दें कि कोरोना (Covid-19) की महामारी की सबसे बुरा असर अमेरिका पर ही हुआ है.

पहले क्यों लगता था वैक्सीन में समय?
  • 2/6

ट्रंप ने कहा कि पिछले प्रशासन को FDA (फूड ड्रग एंड एडमिनिस्ट्रेशन) और तमाम तरह के अप्रूवल (Vaccine approval) की वजह से वैक्सीन (Corona virus vaccine) हासिल करने में सालों लग गए होंगे. लेकिन हम इसे पाने में सिर्फ हफ्तों दूर हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका तीन से चार हफ्तों में वैक्सीन बना लेगा.

चुनाव के कारण दवा कंपनियों पर दबाव
  • 3/6

पब्लिक हेल्थ ऑथोरिटीज ने बताया कि व्हाइट हाउस FDA पर अमेरिकी चुनाव से पहले वैक्सीन की मंजूरी देने के लिए दबाव डाल रहा है. अमेरिका में 3 नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव होने वाला है. हालांकि वैक्सीन निर्माता कंपनियों का संयुक्त रूप से कहना है कि वे वैक्सीन की सुरक्षा और प्रभाव को जांचने के बाद ही उसे बाजार में उपलब्ध कराएंगे.

वैक्सीन की रेस में आगे ये दो कंपनियां
  • 4/6

बता दें कि इस वक्त अमेरिका की दो वैक्सीन निर्माता कंपनियां अपने टीके को लेकर काफी सुर्खियां बटोर रही हैं. इनमें पहली कंपनी 'मॉडर्ना इंक' और दूसरी कंपनी का नाम 'नोवावैक्स' है. मॉडर्ना इंक की वैक्सीन ट्रायल के तीसरे चरण में हैं. जबकि नोवावैक्स की वैक्सीन ट्रायल के मिड-स्टेज में पहुंच चुकी है. क्लिनिकल ट्रायल के शुरुआती नतीजों में दोनों वैक्सीन काफी असरदार साबित हुई है.

वैक्सीन पर रूस का दावा
  • 5/6

कोरोना वैक्सीन इस साल उपलब्ध कराने का दावा करने वालों में अमेरिका के अलावा चीन, ब्रिटेन जैसे देश भी शामिल हैं. इनके अलावा रशिया तो पहली कोरोना वायरस वैक्सीन बनाने में सफल होने की बात भी कह चुका है. हालांकि अभी तक रशिया ने Sputnik-v वैक्सीन के रिसर्च फैक्ट सामने नहीं रखे हैं.

अमेरिका में कोरोना का असर
  • 6/6

कोरोना वायरस का पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा असर अमेरिका पर ही हुआ है. अमेरिका में अब तक 67 लाख से भी ज्यादा कोरोना संक्रमितों के मामले सामने आए हैं. इस महामारी ने देश की अर्थव्यवस्थ का चौपट करके रख दिया है. देश में कोरोना से अब तक दो लाख से भी ज्यादा मौतें हो चुकी हैं.