scorecardresearch
 

बड़ी आंत के कैंसर के इलाज में असरदार है ये थेरेपी

भारत में बड़ी आंत का कैंसर सबसे ज्यादा होने वाले 10 तरह के कैंसर में शामिल है. डॉक्टरों के मुताबिक, बड़ी आंत के कैंसर के इलाज में कीमियो थेरेपी और टारगेटेड थेरेपी असरदार साबित हो रही है.

Advertisement
X
बड़ी आंत के कैंसर के इलाज में असरदार टारगेटेड थेरेपी
बड़ी आंत के कैंसर के इलाज में असरदार टारगेटेड थेरेपी

भारत में बड़ी आंत का कैंसर सबसे ज्यादा होने वाले 10 प्रकार के कैंसर में शामिल है. मोटापे और कम मोटे अनाज वाली खुराक को इस प्रकार के कैंसर का कारण माना जाता है. कुछ मामलों में यह आनुवंशिक भी होता है.

टारगेटेड थेरेपी यानी लक्षित चिकित्सा और इम्यूनोथेरेपी यानी प्रतिरोधी चिकित्सा, बड़ी आंत के कैंसर (कोलोरेक्टल कैंसर) में उपचार के नए तथा असरदार तरीके हैं. टारगेटेड थेरेपी में दवाएं कैंसर वाली जगह को लक्ष्य बनाती हैं और पारंपरिक कीमोथेरेपी की दवाओं के साथ दी जाती हैं ताकि कैंसर की अधिक कोशिकाएं मर जाएं और रोगी के बचने की संभावना बढ़ जाए.

राजीव गांधी कैंसर संस्थान एवं अनुसंधान केंद्र (आरजीसीआईएंडआरसी) में मेडिकल ऑन्कोलॉजी के निदेशक डॉ. विनीत तलवार के मुताबिक टारगेटेड थेरेपी और इम्यूनोथेरेपी ने बड़ी आंत के कैंसर के इलाज को असरदार बना दिया है.

Advertisement

उन्होंने कहा, "प्रतिरक्षा चिकित्सा (इम्यूनोथेरेपी) की दवाएं शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को ताकत देती हैं और प्रतिरक्षा तंत्र स्वयं ही कैंसर की कोशिकाओं से लड़ता है, जिससे दुष्प्रभाव लगभग खत्म हो जाते हैं."

डॉ. तलवार ने बताया कि केवल कीमोथेरेपी से रोगियों के बचने की दर कम थी, लेकिन टारगेटेड थेरेपी और इम्यूनोथेरेपी के साथ बचने की दर बढ़ गई है.

कोलोरेक्टल कैंसर के उपचार में विकिरण यानी रेडिएशन की भूमिका पर आरजीसीआईएंडआरसी के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी निदेशक डॉ. मुनीश गैरोला ने कहा, "निस्संदेह बड़ी आंत के कैंसर में उपचार के लिए सर्जरी ही चुनी जाती है, लेकिन रेडिएशन ट्यूमर के आकार को कम करने में मदद करता है, जिससे सर्जन को ऑपरेशन करने में आसानी होती है और बीमारी फैलने की आशंका कम हो जाती है. इससे बचने की संभावना बहुत बढ़ जाती है."

डॉ. गैरोला के मुताबिक, "कीमोथेरेपी रेडियो सेंसिटाइजर की तरह काम कर रेडिएशन के प्रभाव को बढ़ा देती है, जिससे रेडिएशन ऊतकों में गहराई तक पहुंच जाता है. रेडिएशन में काफी प्रगति हो चुकी है. पहले रेडिएशन के बहुत दुष्प्रभाव होते थे लेकिन अब रेडिएशन की ज्यादा केंद्रित तकनीक 'कन्फॉर्मल रेडिएशन' हैं, जिनके जरिये हम रेडिएशन को ट्यूमर की आकृति के मुताबिक सीमित कर सकते हैं."

बड़ी आंत के कैंसर से बचने के लिए लोगों को रेशे की अधिक मात्रा वाला भोजन लेना चाहिए और अल्कोहल तथा धूम्रपान से दूर रहना चाहिए. चिकित्सकों ने कहा कि सुस्त और गतिहीन जीवनशैली भी बड़ी आंत के कैंसर का कारण है.

Advertisement
Advertisement