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फैमिली जीन हो सकते हैं डिप्रेशन की वजह: स्टडी

अगर आप भी तनाव में रहते हैं, तो यह संभव है कि यह बीमारी आपको आपके फैमिली जीन से मिली हो. एक ताजा स्टडी के मुताबिक, तनाव मोल लेने की समस्या वंशानुगत भी हो सकती है.

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अगर आप भी तनाव में रहते हैं, तो यह संभव है कि यह बीमारी आपको आपके फैमिली जीन से मिली हो. एक ताजा स्टडी के मुताबिक, तनाव मोल लेने की समस्या वंशानुगत भी हो सकती है.

स्टडी में उस गुणसूत्रीय जोड़े की पहचान कर ली गई है, जो मुश्किल हालात के बाद तनाव का खतरा बढ़ा देते हैं. स्टडी से साफ है कि पीढ़ियों से मिले ये गुणसूत्र हम में मानसिक अवसाद बढ़ाने की समस्या भी पिछली पीढ़ियों से ले आते हैं. दिमाग के कामों में अहम भूमिका अदा करने वाले इन दोनों गुणसूत्रों को सीओएमटी और टीपीएच-2 नाम से जाना जाता है.

स्टडी के प्रमुख कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ता अर्मेन गोएनजियान ने कहा कि हमें शोध में तनाव बढ़ने की समस्या और सीओएमटी तथा टीपीएच-2 गुणसूत्रों के बीच महत्वपूर्ण संबंध का पता चला. ये गुणसूत्र ही इस मानसिक तनाव की बीमारी को लगातार बढ़ाए रखने के लिए जिम्मेदार है. गोएनजियन ने कहा कि हमारे शोध के परिणामों से संकेत मिलता है कि जिन लोगों में ये गुणसूत्र मौजूद होते हैं, उनमें मानसिक अवसाद बढ़ने का जोखिम अधिक हो सकता है.

इस स्टडी से मानसिक अवसाद से समस्याग्रस्त लोगों के बेहतर उपचार और निदान के लिए जैविक आधार मिल सकता है. युद्ध, दुष्कर्म या प्राकृतिक आपदा जैसी जीवन को हिला देने वाली घटनाओं के बाद ज्यादातर लोग इस तरह के मानसिक अवसाद से ग्रस्त हो जाते हैं, लेकिन जरूरी नहीं है कि तनावग्रस्त सभी व्यक्तियों को यह समस्या हो. स्टडी के लिए अनुसंधानकर्ताओं ने 200 लोगों के डीएनए इकट्ठा किए, ताकि इस मानसिक समस्या के आनुवंशिक लक्षणों का पता लगाया जा सके.

-इनपुट IANS

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