अक्सर गर्मियों के मौसम में रेहड़ी किनारे नींबू पानी के अलावा जो सबसे अधिक बिकता है वो है नारियल पानी. अक्सर इस मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए नारियल पानी सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है. बाजार में ठेलों पर सजे हरे नारियल देखकर अक्सर लोग सबसे पहले बड़े साइज वाला नारियल लेते हैं. लेकिन जब उसे फोड़ा जाता है तो कई बार निराशा हाथ लगती है क्योंकि उसमें साइज के मुताबिक पानी नहीं निकलता. एक्सपर्ट्स की मानें तो नारियल का आकार उसकी पानी की मात्रा की गारंटी नहीं देता. तो आइए जानते हैं कि कैसे पहचानें कि उसमें कितना पानी है.
अगर आप ज्यादा पानी वाला नारियल चाहते हैं तो आपको उसे साइज पर नहीं जाना है. आप छोटे नारियल की बजाय मीडियम साइज का नारियल चुनें लेकिन सबसे खास बात यह है कि नारियल यदि गोल होगा तो उसमें अधिक पानी होता है. जो नारियल दिखने में ज्यादा लंबे या ओवल शेप के होते हैं, उनमें अक्सर पानी कम होता है क्योंकि उनमें मलाई बनने की प्रक्रिया तेज होती है.
नारियल को कान के पास ले जाकर उसे हल्का हिलाएं. अगर आपको पानी के छलकने की तेज आवाज आती है तो इसका मतलब है कि उसमें पानी कम और हवा ज्यादा है. ज्यादा पानी वाले नारियल में अंदर जगह कम होती है जिससे उसे हिलाने पर आवाज बहुत कम या बिल्कुल नहीं आती.
नारियल का रंग गहरा हरा होना चाहिए. अगर छिलके पर भूरे धब्बे हैं तो समझ लीजिए कि नारियल पुराना हो चुका है और उसका पानी सूखकर मलाई में बदल गया है. इसलिए हमेशआ हरा नारियल चुनें.
नारियल को हाथ में उठाकर देखें और यदि वह आकार के मुकाबले भारी महसूस हो रहा है तो समझ लीजिए कि वह पानी से भरा है. साथ ही नारियल के ऊपरी हिस्से पर मौजूद तीन निशानों को देखें. अगर ये निशान अधिक कड़क और काले हैं तो नारियल पुराना है.