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SC का पत्रकार एरेन्ड्रो की तुरंत रिहाई का आदेश, FB पर लिखा था- गोमूत्र से कोरोना ठीक नहीं होता

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मणिपुर के पत्रकार एरेन्ड्रो लेचोम्बाम को तुरंत रिहा करने का आदेश दिया है. एरेन्ड्रो लेचोम्बाम को एक विवादित फेसबुक पोस्ट करने के आरोप में हिरासत में लिया गया था.

सुप्रीम कोर्ट ने दिया रिहाई का आदेश (फाइल फोटो) सुप्रीम कोर्ट ने दिया रिहाई का आदेश (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मणिपुर के पत्रकार एरेन्ड्रो लेचोम्बाम की होगी रिहाई
  • सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए दिया आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मणिपुर के पत्रकार एरेन्ड्रो लेचोम्बाम (Erendro Leichombam) को तुरंत रिहा करने का आदेश दिया है. एरेन्ड्रो लेचोम्बाम को एक विवादित फेसबुक पोस्ट करने के आरोप में हिरासत में लिया गया था, साथ ही उनपर नेशनल सिक्युरिटी एक्ट (NSA) लगाया गया था. 

पत्रकार और एक्टिविस्ट एरेन्ड्रो लेचोम्बाम ने अपने एक फेसबुक पोस्ट में कहा था कि गाय के गोबर और गोमूत्र से कोरोना का इलाज नहीं हो सकता है. ये कमेंट तब आया था, जब राज्य में बीजेपी नेता एस टिकेंद्र सिंह का कोरोना वायरस के कारण निधन हो गया था. 

सुनवाई के दौरान जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि हम इस व्यक्ति को एक भी दिन हिरासत में रखने की इजाजत नहीं दे सकते. जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि वह (पत्रकार) इसके लिए एक रात भी जेल में नहीं डाला जा सकता है. हालांकि, SG की अपील पर रिहाई को कल तक के लिए रखा गया है. लेकिन बेंच की ओर से कहा गया कि याचिकाकर्ता को हिरासत में रखना उसके जीने के अधिकार का उल्लंघन है. 

दरअसल, बीजेपी नेता के निधन के बाद ही एरेन्ड्रो लेचोम्बाम द्वारा फेसबुक पर पोस्ट किया गया था. जिसे विवादित बताते हुए स्थानीय बीजेपी नेताओं ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी. स्थानीय पुलिस ने इसी मामले में एक्शन लेते हुए मई महीने में उनपर कई धाराओं में केस दर्ज किया था, साथ ही एनएसए भी लगाया था. मई महीने से ही एरेन्ड्रो लेचोम्बाम जेल में बंद हैं. 

एरेन्ड्रो लेचोम्बाम के पिता द्वारा सुप्रीम कोर्ट में इस गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका लगाई गई थी, जिसपर अब सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए पत्रकार की तुरंत रिहाई का आदेश दिया है. 

 

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