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Amazon-Flipkart को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत, CCI जांच में दखल से किया इंकार

कंपनी ने कर्नाटक हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग की जांच पर रोक लगाने की मांग की थी. दरअसल, 23 जुलाई को ई-कॉमर्स की बड़ी कंपनियां, Amazon और Flipkart को झटका लगा है. कर्नाटक उच्च न्यायालय की एक पीठ ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग द्वारा इन पर जांच के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है. 

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Amazon-Flipkart को SC से राहत नहीं (फाइल फोटो) Amazon-Flipkart को SC से राहत नहीं (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • SC से Amazon-Flipkart को नहीं मिली राहत
  • CCI जांच में दखल देने से किया इनकार

Amazon और Flipkart को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) की जांच में दखल देने से इनकार किया है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने दोनों कंपनियों के जांच में शामिल होने का समय चार हफ्ते बढ़ाया है. CJI एन वी रमना की बेंच ने कहा कि हम फिलहाल हाई कोर्ट के आदेश में दखल नहीं देंगे. इस मामले की जांच होनी चाहिए. दरअसल ई-कॉमर्स कंपनी, Amazon और Flipkart ने CCI की जांच के ख‍िलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था.

कंपनी ने कर्नाटक हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग की जांच पर रोक लगाने की मांग की थी. दरअसल, 23 जुलाई को ई-कॉमर्स की बड़ी कंपनियां, Amazon और Flipkart को झटका लगा है. कर्नाटक उच्च न्यायालय की एक पीठ ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग द्वारा इन पर जांच के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है. 

जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस नटराज रंगास्वामी की खंडपीठ ने उच्च न्यायालय के एकल न्यायाधीश के 11 जून के आदेश के खिलाफ ई-कॉमर्स दिग्गजों द्वारा दायर अपीलों पर सुनवाई करते हुए आदेश पारित किया. ई-कॉमर्स दिग्गज Amazon और Flipkart ने सीसीआई के एक आदेश के खिलाफ कर्नाटक उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था.

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CCI ने इनके प्लेटफॉर्म पर स्मार्टफोन की ऑनलाइन बिक्री में प्रतिस्पर्धा-विरोधी आचरण के आरोपों की जांच महानिदेशक (डीजी) से करने का आदेश दिया था. हाई कोर्ट की बेंच ने कहा था कि याचिका अपील योग्य नहीं हैं और यह खारिज किए जाने योग्य है. सीसीआई ने महानिदेशक को दिल्ली व्यापार महासंघ द्वारा शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच करने का निर्देश दिया था. ई-कॉमर्स संस्थाओं ने 13 जनवरी, 2020 के इस आदेश को चुनौती दी थी.

 भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग इन आरोपों की जांच कर रहा है कि दोनों कंपनियां, अपने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर चुनिंदा विक्रेताओं को बढ़ावा देती हैं और प्रतिस्पर्धा को खत्म करने के लिए भारी छूट का इस्तेमाल करती हैं.

 

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