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राजद्रोह: सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बोले कानून मंत्री किरण रिजिजू- कोई लक्ष्मण रेखा पार ना करे

राजद्रोह कानून पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने दोनों ही पक्षों को लक्ष्मण रेखा पार ना करने की बात कही है. उनकी तरफ से राहुल गांधी पर भी निशाना साधा गया है.

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कानून मंत्री किरण रिजिजू कानून मंत्री किरण रिजिजू
स्टोरी हाइलाइट्स
  • रिजिजू बोले- कांग्रेस ने देश बांटने का काम किया
  • 'लोकतंत्र, अधिकारों का कभी सम्मान नहीं किया'

सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश देते हुए राजद्रोह कानून के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है. स्पष्ट कर दिया गया है कि जब तक पुनर्विचार होगा, इस धारा के तहत कोई नया मामला दर्ज नहीं किया जा सकता. अब केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू ने इस आदेश पर बड़ा बयान दिया है. ट्वीट कर उन्होंने कहा है कि किसी को भी लक्ष्मण रेखा पार नहीं करनी चाहिए.

ट्वीट में रिजिजू ने लिखा है कि हम एक दूसरे का सम्मान करते हैं. कोर्ट को सरकार का सम्मान करना चाहिए, सरकार को कोर्ट का सम्मान करना चाहिए. हम दोनों की ही सीमाएं स्पष्ट हैं, ऐसे में किसी को भी लक्ष्मण रेखा को पार नहीं करना चाहिए.

इसके अलावा केंद्रीय मंत्री द्वारा राहुल गांधी पर भी हमला बोला गया है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राहुल गांधी ने कहा था कि सच बोलना देशभक्ति है, देशद्रोह नहीं. सच कहना देश प्रेम है, देशद्रोह नहीं. सच सुनना राजधर्म है. सच कुचलना राजहठ है. अब राहुल गांधी के इस तंज पर किरण रिजिजू ने मुंहतोड़ जवाब दिया है. उनकी नजरों में अगर किसी पार्टी ने सबसे ज्यादा आजादी का विरोध किया हो, जिसने लोकतंत्र का विरोध किया हो, वो कांग्रेस ही है. केंद्रीय मंत्री ने यहां तक कह दिया है कि देश को बांटने में कांग्रेस का एक बड़ा हाथ रहा है.

आंकड़ों के आधार पर भी किरण रिजिजू ने राहुल गांधी पर हमला बोला है. उनकी माने तो साल 2012 में हजारों लोगों पर राजद्रोह का केस दर्ज हुआ था. तब इस कानून का सबसे ज्यादा दुरुपयोग हुआ था. वैसे इससे पहले भी राजद्रोह कानून को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच जुबानी जंग देखने को मिली है. अभी इस समय सुप्रीम कोर्ट के आदेश को कांग्रेस केंद्र के लिए बड़ा झटका मान रही है.

आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पुनर्विचार तक राजद्रोह कानून यानी 124ए के तहत कोई नया मामला दर्ज न किया जाए. केंद्र इस बाबत राज्यों को निर्देशिका जारी करेगा. साथ ही कोर्ट ने कहा है कि जो लंबित मामले हैं उनपर यथास्थिति रखी जाए.

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