RAS अधिकारी प्रियंका बिश्नोई की मौत मामले में अब जोधपुर महानगर मजिस्ट्रेट संख्या-8 ने अहम आदेश देते हुए वसुंधरा अस्पताल के चार डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है. प्रियंका बिश्नोई का 6 सितंबर को जोधपुर के वसुंधरा अस्पताल में ऑपरेशन हुआ था, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी. हालत गंभीर होने पर उन्हें अहमदाबाद के निजी अस्पताल में रेफर किया गया, जहां 19 सितंबर को उनकी मौत हो गई थी.
लापरवाही के आरोप में डॉक्टरों पर केस
प्रियंका बिश्नोई की मौत के बाद उनके परिवार और समाज में आक्रोश बढ़ गया था. लोगों ने वसुंधरा अस्पताल पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने जांच के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित की थी. इस कमेटी में एसएन मेडिकल कॉलेज की पूर्व प्राचार्य डॉ. रंजना देसाई समेत चार डॉक्टरों को शामिल किया गया. कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट जिला कलेक्टर को सौंपी, जिसके बाद राज्य सरकार ने भी एक टीम गठित कर मामले की जांच करवाई.
कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने की कार्रवाई
इस मामले में जोधपुर महानगर मजिस्ट्रेट संख्या-8 में एक याचिका दायर की गई थी, जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने वसुंधरा अस्पताल के संचालक और चार डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बाद चौपासनी हाउसिंग बोर्ड पुलिस थाने में डॉ. संजय मकवाना, डॉ. रेणु मकवाना, डॉ. विनोद शैली, डॉ. जितेंद्र और अन्य मेडिकल स्टाफ के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी फगलूराम बिश्नोई ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर सभी आरोपियों के खिलाफ धारा 105 BNS के तहत मामला दर्ज किया गया है.
प्रियंका बिश्नोई ने 2016 में RAS परीक्षा पास की थी
प्रियंका बिश्नोई 2016 में RAS परीक्षा में सफल हुई थीं और उन्हें जोधपुर में सहायक कलेक्टर के पद पर नियुक्ति मिली थी. अपनी मेहनत और ईमानदारी से उन्होंने प्रदेश में एक खास पहचान बनाई थी. प्रियंका के पति विक्रम बिश्नोई फिलहाल फलोदी में आबकारी निरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं.