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हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति के लिए लटके हुए हैं 23 नाम, दोबारा सिफारिश के बावजूद फैसला नहीं

देशभर के हाईकोर्ट (High Court) में जज के तौर पर नियुक्ति के लिए दोबारा सिफारिश के बावजूद सरकार के पास 23 लोगों के नाम अब तक लंबित हैं. 2018 से 2021 के बीच सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने करीब साढ़े चार सौ नाम सरकार के पास हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति के लिए भेजे थे. उनमें से कई की नियुक्ति भी हो गई, लेकिन कई नाम कुछ आपत्तियों या ज्यादा जानकारी जुटाने की अपील के साथ सरकार ने कॉलेजियम को लौटा भी दिए.

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स्टोरी हाइलाइट्स
  • सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सरकार को भेजे थे करीब साढ़े चार सौ नाम
  • 1 सितंबर तक देश के 25 हाईकोर्ट्स में जजों के 281 पद खाली

देशभर के हाईकोर्ट (High Court) में जज (Judge) के तौर पर नियुक्ति के लिए दोबारा सिफारिश के बावजूद सरकार के पास 23 लोगों के नाम अब तक लंबित हैं. इन नामों और हाईकोर्ट में खाली पड़े जजों के पदों को लेकर 2022 से ही उम्मीद है. 2018 से 2021 के बीच सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने करीब साढ़े चार सौ नाम सरकार के पास हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति के लिए भेजे थे. उनमें से कई की नियुक्ति भी हो गई, लेकिन कई नाम कुछ आपत्तियों या ज्यादा जानकारी जुटाने की अपील के साथ सरकार ने कॉलेजियम को लौटा भी दिए.

इसी बीच 23 नाम वो भी हैं, जिनकी दोबारा सिफारिश कर कॉलेजियम ने उनको जज बनाने की सिफारिश भी कर दी, लेकिन फाइलें अब तक लंबित हैं. न तो सरकार ने इसे लटकाने की वजह बताई, न ही उनको रिजेक्ट या सेलेक्ट किया. केंद्रीय विधि और न्याय मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, 1 सितंबर तक देश के 25 हाईकोर्ट्स में जजों के 281 पद खाली हैं.

सितंबर की शुरुआत में सीजेआई रमणा ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के एक कार्यक्रम में कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि आने वाले महीनों में मौजूदा खाली पड़े पदों में से 90% को भर दिया जाएगा. अगस्त में कॉलेजियम ने एक ही झटके में हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति के लिए 64 नामों की सिफारिश की थी. उन में से अधिकतर पर नियुक्तियां हो गईं, लेकिन करीब बारह नाम अभी भी इंतजार कर रहे हैं.

सरकार ने पुनर्विचार के लिए कोलेजियम को वापस भेजे कई नाम

2018 से 2021 के बीच विभिन्न उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों के पद के लिए संबंधित हाईकोर्ट के कोलेजियम से सिफारिश के बाद सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने भी कई नाम सरकार के पास अपनी अनुशंसा के साथ भेजे हैं, लेकिन उनमें से कई नाम सरकार ने आपत्तियों या नुक्ताचीनी के साथ पुनर्विचार के लिए कोलेजियम को वापस भेजे. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने इस अवधि में 23 नामों की सिफारिश दोबारा सरकार से की, लेकिन अब तक उन पर सरकार कोई निर्णय नहीं लिया है. 

हाईकोर्ट्स में जजों की नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े सूत्रों ने बताया कि इन लोगों को सात उच्च न्यायालयों में न्यायाधीश पद पर नियुक्ति के लिए दोबारा सिफारिश के साथ भेजा गया है. सूत्रों ने बताया कि कर्नाटक उच्च न्यायालय और दूसरा जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय में न्यायाधीश बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दो वकीलों के नाम दो बार भेजे.

उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों के 402 पद रिक्त

जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय के न्यायाधीश पद के लिए उम्मीदवार का नाम पहली बार 2018 में भेजा गया था, जबकि कर्नाटक उच्च न्यायालय के लिए अधिवक्ता के नाम की सिफारिश 2019 में की गई थी. मंत्रालय के न्याय विभाग में 31 दिसंबर तक 23 नामों की सिफारिश उच्च न्यायालयों के कॉलेजियम ने 2018 से अब तक की थी. 2021 में उच्च न्यायालयों में 120 न्यायाधीशों की नियुक्ति की गई, जबकि 2016 में रिकॉर्ड 126 न्यायाधीशों की उच्च न्यायालयों में नियुक्ति की गई थी. देश के 25 उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों के 1,098 आवंटित पद हैं, जिनमें एक दिसंबर 2021 की तारीख में 696 न्यायाधीश कार्यरत थे, जबकि 402 पद रिक्त हैं.

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