कर्नाटक के कग्गलीपुरा के पास बसवनतारा वन में अवैध खनन से जुड़े एक विस्फोट में एक मादा तेंदुआ और उसके तीन अजन्मे शावकों की मौत हो गई. इस घटना के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं. यशवंतपुर के भाजपा विधायक एस.टी. सोमशेखर ने वन विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ा रोष जताया है. उन्होंने कहा कि राज्य में लगातार वन्यजीवों की मौत की घटनाएं हो रही हैं, इसके बावजूद विभाग कोई ठोस कार्रवाई करने में विफल रहा है.
एसटी सोमशेखर के आरोपों के अनुसार, मादा तेंदुए के शव के पास एक बड़ा पत्थर मिला है, जिससे संकेत मिलता है कि विस्फोट ही उसकी मौत का कारण था. सोमशेखर ने आरोप लगाया कि इलाके में लंबे समय से अवैध ब्लास्टिंग जारी है और संबंधित मंत्री व अधिकारी गंभीर उदासीनता दिखा रहे हैं. विधायक सोमशेखर ने यह भी दावा किया कि इस मामले में उन्होंने वन मंत्री से संपर्क करने की कई कोशिशें कीं, लेकिन उनकी कॉल्स का कोई जवाब नहीं मिला.
वन मंत्री ने दिए व्यापक जांच के आदेश
भाजपा विधायक ने कहा, 'इस घटना को लेकर वन विभाग को एक औपचारिक पत्र भेजा गया है, जिसमें अवैध ब्लास्टिंग पर तत्काल रोक, दोषियों की पहचान और तेंदुओं की मौत के लिए जिम्मेदारी तय करने की मांग की गई है.' यह घटना 27 दिसंबर को हुई थी. हालांकि, वन अधिकारियों ने गर्भवती तेंदुए की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है. इस घटना के बाद कर्नाटक सरकार हरकत में आ गई है और वन मंत्री ईश्वर खंड्रे ने व्यापक जांच के आदेश दिए हैं.
खंड्रे ने स्वीकार किया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह माना जा सकता है कि तेंदुए की मौत अवैध खनन के कारण हुए विस्फोट से हुई. उन्होंने बताया, '27 दिसंबर, 2025 को कग्गलीपुरा पर्वतमाला के बसवनतारा वन क्षेत्र में गश्त के दौरान सर्वेक्षण संख्या 51 में एक मादा तेंदुए का शव मिला. प्रारंभिक आकलन से पता चला कि 3-4 वर्ष की मादा तेंदुए की मृत्यु दो से तीन दिन पहले हुई थी. पोस्टमार्टम के दौरान तेंदुए के गर्भ में तीन शावक पाए गए.'
दोषियों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
कर्नाटक के वन मंत्री ने कहा कि उन्होंने प्रधान मुख्य वन संरक्षक और मुख्य वन्यजीव वार्डन सहित शीर्ष अधिकारियों को इस मामले की गहन जांच करने और तत्काल कार्रवाई करने के लिए कहा है, साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) भी दर्ज की गई है. उन्होंने कहा, 'यशवंतपुर के विधायक सोमाशेखर द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों को देखते हुए, इस बात की व्यापक जांच करने के निर्देश दिए गए हैं कि क्या वन क्षेत्र के भीतर खनन गतिविधि हो रही है. वन्यजीवों की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.'