बेंगलुरु में एक मामला काफी चर्चा में है. यहां एक पुलिसकर्मी और कथित लेडी डॉन यशस्विनी गौड़ा के बीच हुई चैट वायरल हो रही है, जिसको लेकर विवाद खड़ा हो गया है. सोशल मीडिया पर वायरल मैसेज में एक पुलिस अधिकारी कथित तौर पर यशस्विनी गौड़ा से बेहद अनौपचारिक और दोस्ताना अंदाज में बातचीत करता नजर आ रहा है. पुलिसकर्मी उसे 'सर' कहने की बजाय 'पापू' कहकर बुलाने को कहता है.
दरअसल, यशस्विनी गौड़ा को इलाके में लेडी डॉन के नाम से जाना जाता है. उसके खिलाफ कई आपराधिक मामलों में शामिल होने के आरोप हैं. ऐसे में एक पुलिस अधिकारी का उसके साथ इस तरह का व्यवहार लोगों को चौंका रहा है. आमतौर पर पुलिस और अपराधियों के बीच सख्त और पेशेवर दूरी बनाए रखने की उम्मीद की जाती है, लेकिन इस मामले में तस्वीर कुछ अलग ही नजर आ रही है.

वायरल चैट में दिखा 'दोस्ती' का अंदाज
वायरल हुई इन चैट्स में दोनों के बीच बातचीत का लहजा काफी सामान्य और निजी बातचीत जैसा नजर आता है. मैसेज में वीकेंड प्लान, ऑफिस, घर और लंच जैसी रोजमर्रा की बातों पर चर्चा हो रही है. बातचीत की शुरुआत 'Weekend busy na' जैसे सवाल से होती है, जिसके बाद Office, Home, Lunch और Outside or home जैसे मैसेज सामने आते हैं. चैट में एक-दूसरे से मिलने और समय बिताने को लेकर सहज बातचीत दिखती है, जिसमें औपचारिकता बिल्कुल नहीं है. यही अनौपचारिक अंदाज इस पूरे मामले को सुर्खियों में ला रहा है.
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जैसे ही यह चैट सामने आई, सोशल मीडिया पर चर्चाएं होने लगीं. बातचीत के इस अंदाज ने पुलिस अधिकारी के आचरण और पेशेवर रवैये पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इस घटना से पुलिस विभाग के भीतर गुस्सा है. डिपार्टमेंट को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ रहा है. वरिष्ठ अधिकारी अब चैट्स की प्रामाणिकता की जांच करेंगे और यदि किसी तरह का दुराचार पाया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
यशस्विनी गौड़ा का बयान आया सामने
इस मामले को लेकर यशस्विनी गौड़ा ने कमिश्नर ऑफिस में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि कोननकुंटे के इंस्पेक्टर पप्पन्ना मुझे हर रोज कॉल करते हैं और आपत्तिजनक मैसेज भेजते हैं. वह कहते हैं कि मैं उनका करीबी दोस्त हूं, और मुझसे यह अपेक्षा रखते हैं कि मैं उनको घर बुलाऊं. 2009 में जब मैंने शिकायत दर्ज कराई थी, तब भी ऐसे ही मामले सामने आए थे. अब भी वह लगातार तीन महीने से मुझे कॉल और मैसेज कर रहे हैं, कहते हैं कि मैं उनके घर जाऊं और चिकन बनाऊं. हमने कुछ गलत नहीं किया है. गौड़ा ने यह भी कहा कि पहले उनके खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए गए थे, बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए चुप्पी साधे रखी.
वहीं यशस्विनी के वकील नरेश ने कहा कि अगर इतनी सशक्त महिला परेशान हो सकती है, तो आम महिलाओं के साथ क्या होता होगा. उन्होंने कहा कि पुलिस का काम जनता की मदद करना है, ऐसे मैसेज भेजना नहीं. इस मामले की जांच चल रही है और पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए.