> प्रेमिका (प्रेमी से)- अरे बाबा, जल्दी खिड़की से कूदो पापा आ रहे हैं.
प्रेमी- लेकिन यह तो 13वीं मंजिल है.
प्रेमिका- अरे, यह शगुन-अपशगुन सोचने का वक्त नहीं है.
> मंटू- यार, लड़कियों का ही अच्छा है. शादी से पहले पापा की परी होती हैं...और शादी के बाद घर की लक्ष्मी हो जाती हैं.
चंटू- ...और लड़के?
मंटू- लड़कों का क्या, शादी से पहले पापा से मार खाते हैं और शादी के बाद बीवी से.
> घर जमाई- आज से मैं रोटी नहीं चावल खाऊंगा.
ससुर- ऐसा क्यों?
घर जमाई- मोहल्ले वालों के ताने सुनकर थक गया हूं. रोज कहते हैं कि मैं ससुराल वालों की रोटी तोड़ता हूं.
> मरीज- ऑपरेशन सही से करना.
डॉक्टर- ऐसा क्यों कहा?
मरीज- क्योंकि सर्जन और विसर्जन में थोड़ा सा ही फर्क है।
यदि ऑपरेशन सही से हो गया तो आप सर्जन और यदि आपका हाथ हिल गया तो फिर मेरा विसर्जन.
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> चिल्लू- यार, मुझे उस लड़की से बचाओ,
दोस्त- क्यों?
चिल्लू- जब से मैंने कह दिया है दिल चीरकर देख तेरा ही नाम होगा,
ये चाकू लेकर मेरे पीछे पड़ गई है.
> टिल्लू अपनी बीमारी लेकर डॉक्टर के पास गया,
डॉक्टर- आपकी बीमारी की सही वजह मेरी समझ में नहीं आ रही,
हो सकता है दारू पीने की वजह से ऐसा हो रहा हो,
टिल्लू- कोई बात नहीं डॉक्टर साहब,
जब आपकी उतर जाएगी तो मैं दोबारा आ जाऊंगा.
> पत्नी- कहां पर हो?
पति- स्कूटर से गिर गया हूं एक्सीडेंट हो गया है, हॉस्पिटल जा रहा हूं.
पत्नी - ध्यान रखना, टिफिन टेढ़ा ना हो जाये, वरना दाल गिर जाएगी.
> राजू पहाड़ों पर पैराशूट बेच रहा था
एक ग्राहक- अगर पैराशूट नहीं खुला तो?
राजू- तो आपके पूरे पैसे वापस.
(डिस्क्लेमरः इस सेक्शन के लिए चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर हो रहे पॉपुलर कंटेंट से लिए गए हैं. इनका मकसद सिर्फ लोगों को थोड़ा गुदगुदाना है. किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना, उसे नीचा दिखाना या उसपर टीका-टिप्पणी करना हमारा उद्देश्य कतई नहीं है.)