कभी आपने नोटिस किया है घर पर जो बर्फ जमाते हैं वो सफेद कलर की होती है, लेकिन बाजार वाली आइस क्यूब बिल्कुल अलग होती है. वो एकमद क्रिस्टल क्लियर होती है, जो ट्रांसपेरेंट होती है, जिसके आर-पार भी देख सकते हैं. दिखने में क्रिस्टल क्लियर वाली बाजार की बर्फ ज्यादा अच्छी लगती है. लेकिन, कभी आपने सोचा है कि जब दोनों बर्फ पानी से जमाई जा रही है तो दोनों में इतना फर्क कैसे है? तो समझते हैं बर्फ के रंग का खेल...
दरअसल, जो क्रिस्टल आइस होती है, वो एकदम पारदर्शी होती है. यह बिना हवा के बुलबुले या अशुद्धियों के बनती है और इसमें मिनरल्स भी नहीं होते हैं, जिस वजह से एकदम साफ होती है. जबकि दूसरी आइस होती है क्लाउडी आइस. ये वही बर्फ है, जिसे आप रोजाना इस्तेमाल करते हैं. इसमें हवा के बुलबुले और कैल्शियम व मैग्नीशियम जैसे घुले हुए खनिजों के कारण इसका रंग सफेद या अपारदर्शी होता है. घर पर बनाई जाने वाली बर्फ में आमतौर पर इसी तरह की बर्फ पाई जाती है.
आखिर ये रंग अलग-अलग होता क्यों है?
इस जवाब है बर्फ को जमाने का तरीका. पानी में हमेशा घुली हुई गैस और मिनरल्स होते हैं. जब पानी फ्रीज होता है, तो ये चीजें बर्फ के क्रिस्टल में शामिल नहीं हो पातीं. ये बाहर निकलकर छोटे-छोटे एयर बबल्स बनाती हैं और बर्फ में फंस जाती हैं. यही बबल्स लाइट को स्केटर करते हैं, इसलिए बर्फ सफेद या धुंधली दिखती है. इसका कारण ये है कि घर के फ्रिज में पानी तेजी से जमता है, इस वजह से ऐसा होता है और मिनरल्स आदि बाहर नहीं निकल पाते हैं. ऐसे में ये बर्फ सफेद रंग की दिखती है.
अब बात करते हैं ट्रांसपेरेंट वाली बर्फ की. ये बर्फ पानी को धीरे-धीरे जमाकर बनाई जाती है. इसके लिए डायरेक्शनल फ्रिजिंग का इस्तेमाल होता है, इससे मिनरल्स और गंदगी बाहर निकल जाती है. इस वजह से ये एकदम साफ होती है. घर का फ्रिज जल्दी जमाता है और इससे धीरे-धीरे बर्फ जमती है, जिससे ये साफ होती है.
ये ही कारण होता है कि घर वाली धुंधली बर्फ जल्दी पिघल जाती है और क्रिस्टल बर्फ धीरे-धीरे पिघलती है. धुंधली बर्फ में हवा के छोटे-छोटे बुलबुले होते हैं, जिसके कारण यह तेजी से पिघलती है और पेय पदार्थों को जल्दी पतला कर देती है.