19 मार्च 1916 को पहली बार अमेरिका ने किसी देश पर हवाई मिशन की शुरुआत की. जब अमेरिका के फर्स्ट एयरो स्क्वाड्रन ने मेक्सिको में अपने विमान भेजकर हवाई हमला किया था. इससे पहले अमेरिका के इतिहास में कभी हवाई जहाज से हमला या बम गिराने जैसी कोई घटना नहीं हुई थी. क्योंकि फर्स्ट एयरो स्क्वाड्रन का गठन ही प्रथम विश्व युद्ध शुरू होने के के बाद 1914 में किया गया था.
19 मार्च 1916 को 8 कर्टिस "जेनी" विमान ने न्यू मैक्सिको के कोलंबस से उड़ान भरी थी, जो अमेरिकी इतिहास का पहला लड़ाकू हवाई मिशन था. यह हवाई हमला उस मिशन की मदद के लिए किया गया, जिसके तहत मैक्सिकन क्रांतिकारी पांचो विला को पकड़ने के लिए 7,000 अमेरिकी सैनिकों ने मैक्सिको पर हमला बोला था.
9 मार्च, 1916 को, विला, जो मैक्सिकन राष्ट्रपति वेनुस्टियानो कैरांजा के अमेरिकी समर्थन का विरोध कर रहा था, ने सैकड़ों गुरिल्लाओं के एक समूह का नेतृत्व करते हुए सीमा पार करके न्यू मैक्सिको के कोलंबस शहर पर हमला किया और 17 अमेरिकियों को मार डाला.
15 मार्च को, राष्ट्रपति वुडरो विल्सन के आदेश पर , अमेरिकी ब्रिगेडियर जनरल जॉन जे. पर्शिंग ने विला को पकड़ने के लिए मैक्सिको में एक घातक अभियान शुरू किया. चार दिन बाद, जनरल पर्शिंग के लिए जानकारी जुटाने और संदेश पहुंचाने के लिए प्रथम एयरो स्क्वाड्रन को मैक्सिको भेजा गया.
11 महीने बाद भी विला को नहीं पकड़ सका अमेरिका
इसके बाद अनेक मैकेनिकल और नेविगेशन समस्याओं के बावजूद अमेरिकी पायलटों ने पर्शिंग के लिए सैकड़ों मिशन पूरे किए.इन अनुभवों का इस्तेमाल बाद में यूरोप के युद्धक्षेत्रों में पायलटों द्वारा किया गया. हालांकि, 11 महीने के मिशन के बावजूद अमेरिकी सेना उस क्रांतिकारी को पकड़ने में असफल रही और उसके इलाके में अमेरिकी घुसपैठ को लेकर मैक्सिकन असंतोष ने एक राजनयिक संकट को जन्म दिया.
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जनवरी 1917 के अंत में, राष्ट्रपति विल्सन पर मैक्सिकन सरकार का दबाव था और वे विला को न्याय के कटघरे में लाने की बजाय विदेशों में चल रहे युद्ध को लेकर अधिक चिंतित थे, इसलिए अमेरिकियों को वापस लौटने का आदेश दिया गया.