इतिहास में आज का दिन अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक अभूतपूर्व उपलब्धि के लिए जाना जाता है. जब पहली बार इंसानी कदम बाहरी अंतरिक्ष में पड़े थे. 18 मार्च 1965 को पहली बार किसी इंसान ने अंतरिक्षयान से बाहर कदम रखा था और आउटर स्पेस में चहलकदमी की थी.अंतरिक्ष में चहलकदमी करने वाले पहले व्यक्ति एलेक्सी लियोनोव थे. वे रूस के रहने वाले थे.
इसके साथ ही, रूसी अंतरिक्ष यात्री एलेक्सी आर्किपोविच लियोनोव स्पेसवॉक करने वाले पहले व्यक्ति बन गए. 8 मार्च 1965 को उन्होंने अपने स्पेसक्राफ्ट से बाहर निकलकर 10 मिनट तक आउटर स्पेस में चहलकदमी की थी. इससे पहले यूरी गागरिन नाम के अंतरिक्ष यात्री करीबन डेढ़ घंटे के लिए अंतरिक्ष में गए थे, लेकिन उन्होंने स्पेसक्राफ्ट से बाहर कदम नहीं निकाला था.
इस घटना को बाह्य अंतरिक्ष गतिविधि (ईवीए) के रूप में भी जाना जाता है. अंतरिक्ष में रहते हुए जब भी कोई अंतरिक्षयात्री किसी यान से बाहर निकलता है, तो उसे स्पेसवाक कहते हैं. स्पेसवाक को ईवीए भी कहा जाता है. ईवीए का पूरा नाम एक्स्ट्रावेहिकुलर एक्टिविटी है.
18 मार्च 1965 को जब सोवियत अंतरिक्ष यात्री एलेक्सी लियोनोव अपने वोसखोद 2 कैप्सूल से बाहर निकले, और एक रस्सी से सुरक्षित रूप से जुड़े रहे. इसके बाद से ही स्पेसवॉक का सिलसिला शुरू हो गया.
पहले स्पेसवॉक की खास बातें
पृथ्वी से 500 किलोमीटर ऊपर, लियोनोव अपने अंतरिक्ष यान 'वोसखोद 2' मिशन से बाहर निकले और 12 मिनट की स्पेसवाक की. वे 12 मिनट और नौ सेकंड तक अंतरिक्ष यान के बाहर रहे. लियोनोव उन 20 सोवियत वायु सेना के पायलटों में से एक थे जिन्हें 1960 में पहले अंतरिक्ष यात्री समूह का हिस्सा बनने के लिए चुना गया था.
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अंतरिक्ष में उनकी चहलकदमी मूल रूप से वोस्तोक 1 मिशन पर होनी थी, लेकिन यह मिशन रद्द कर दिया गया. इसके बाद यह ऐतिहासिक घटना वोसखोद 2 उड़ान पर घटी. इस तरह पहले स्पेसवॉक का इतिहास बना.