दुबई के टोल गेट एक बार फिर चर्चा में है. दरअसल, अबू धाबी-दुबई हाईवे पर दो नए टोल गेट बनाए गए हैं. बताया जा रहा है कि इसके जरिए ट्रैफिक की व्यवस्था को सुधारा जाएगा और बिजी टाइम पर भीड़ को कम किया जाएगा. हाईवे पर नए टोल लगने के साथ ही ये टोल हाईटेक होने की वजह से भी चर्चा में है. दरअसल, दुबई-अबू धाबी में ऐसे टोल हैं, जिनमें कोई बैरियर नहीं होता है और ना हो कोई टोल प्लाजा होता है, फिर भी जैसे ही आप हाईवे से गुजरते हैं तो टोल कट जाता है.
ऐसे में जानते हैं कि आखिर वहां के टोल सिस्टम कैसे काम करते हैं और बिना टोल प्लाजा के टोल के पैसे कट जाते हैं. तो समझते हैं दुबई-अबू धाबी का टोल सिस्टम कैसा है?
दुबई में कैसे होते हैं टोल प्लाजा?
दुबई में भारत की तरह बड़े बड़े टोल प्लाजा नहीं होते हैं. जैसे भारत में लोग टोल प्लाजा पर जाते हैं और वहां रुकते हैं, फिर पैसे कटते हैं, उसके बाद आगे जाने की परमिशन मिलती है. लेकिन, दुबई में ऐसा नहीं है, वहां रुकने जैसा कोई सिस्टम नहीं है. जब आप हाईवे पर चलते रहेंगे तो ऑटोमैटिक आपके अकाउंट से पैसा कट जाएगा और आपको मैसेज आ जाएगा. इसके लिए आप रुकना नहीं होगा और ना नहीं किसी लाइन में इंतजार करना होगा.
आप सोच रहे होंगे कि फिर टोल कैसे कटता है. दरअसल, वहां हाइवे पर कुछ गेट टोल गेट बने होते हैं, जो सिर्फ गेट ही होते हैं और उसमें कोई बैरियर नहीं होते हैं. इनमें कैमरे लगे होते हैं, जिससे चलती गाड़ी में आपकी कार को ट्रैक कर लिया जाता है और टोल कट जाता है. ये ठीक उसी तरह काम करते हैं, जैसे भारत में स्पीड वाले कैमरे वाले लगे होते हैं और स्पीड देख ली जाती है. उसी तरह यहां लगे कमरे कार के कांच पर लगे RFID को कैच करके पैसा काट लेते हैं. इस स्थिति में आपको कहीं भी रुकना नहीं होता है.
फास्टैग की तरह होते हैं सलिक
जैसे भारत में फास्टैग है, वैसे ही दुबई में Salik का स्टिकर कार पर लगाना होता है. ये टैग कार पर लगा होता है और उसके जरिए ही खाते से पैसा निकलता है. जब आप हाइवे से जाते हैं, इसके अकाउंट से पैसे कटते हैं. दुबई में हर दिन के हिसाब से छूट भी मिलती है, जैसे रविवार आदि को कई जगह टोल में छूट मिलती है. वहीं, टोल रेट की बात करें तो आमतौर पर यहां हाईवे पर 4 AED लगता है, जो भारतीय रुपयों के हिसाब से करीब 100 रुपये है.