22 अप्रैल 1945 को एडॉल्फ हिटलर को अपने एक जनरल से पता चला कि एबर्सवाल्डे में रूसी हमले के खिलाफ जर्मनी की ओर से कोई बचाव नहीं किया गया. उसी वक्त उसने अपने अंडरग्राउंड बंकर में सभी के सामने स्वीकार किया कि वह युद्ध हार चुका है और अब आत्महत्या ही उसका एकमात्र उपाय है.
हिटलर के आकलन की लगभग पुष्टि करते हुए, एक सोवियत मशीनीकृत कोर बर्लिन से 40 मील दक्षिण-पश्चिम में स्थित ट्रेउएनब्रिएट्ज़ेन पहुंच चुकी थी. इस कोर ने एक युद्धबंदी शिविर को मुक्त करते हुए और अन्य लोगों के साथ-साथ नॉर्वेजियन कमांडर इन चीफ ओटो रूज को भी रिहा करा लिया.
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हिटलर जनवरी 1945 के बाद, वह बर्लिन में चांसलरी के नीचे एक बंकर में छिप गया था. चांसलरी के 55 फीट नीचे स्थित इस सीक्रेट बंकर में 18 कमरे थे और यह पूरी तरह से आत्मनिर्भर था. इसमें पानी और बिजली की अपनी सप्लाई थी. हालांकि, हिटरल का मानसिक संतुलन बिगड़ता जा रहा था. हिटलर आदेश देना और हरमन गोरिंग, हेनरिक हिमलर और जोसेफ गोएबल्स जैसे अपने करीबी सहयोगियों से मिलना जारी रखे हुए था.
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उन्होंने आत्महत्या से ठीक एक दिन पहले 28-29 अप्रैल की आधी रात को अपनी लंबे समय की प्रेमिका ईवा ब्राउन से शादी भी कर ली. अपनी अंतिम वसीयत में हिटलर ने एडमिरल कार्ल डोनिट्ज़ को राष्ट्राध्यक्ष और गोएबल्स को चांसलर नियुक्त किया. इसके बाद वह ब्राउन के साथ अपने निजी आवास में चले गए. कुछ दिनों बाद उन्होंने और ब्राउन ने स्वयं को और अपने कुत्तों को जहर देकर मार डाला. फिर हिटलर ने अपनी निजी पिस्तौल से खुद को गोली मार ली थी.