वन रैंक-वन पेंशन एक ऐसी डिमांड है जिसे पूरी करना मोदी सरकार अपनी बड़ी उपलब्धियों में शुमार करती है. पीएम मोदी ने खुद दशकों से लंबित इस मांग को 15 अगस्त 2015 को लाल किले से अपने भाषण में स्वीकार किया था. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि पूर्व सैनिकों का एक बड़ा तबका आज भी ओआरओपी के इंतजार में है और जंतर-मंतर पर दो साल से ज्यादा वक्त से उनका इसे लेकर धरना-प्रदर्शन चल रहा है. aajtak.in की खास पेशकश जंतर-मंतर का लोकतंत्र में इस बार चर्चा देश के इन्हीं शूरवीरों की.