'बुलंदियों का बड़े से बड़ा निशान छुआ, उठाया गोद में मां ने तब आसमान छुआ, अभी जिंदा है मां मेरी, मुझे कुछ भी नहीं होगा, शायर मुन्नवर राणा का ये शेर मध्य प्रदेश के खरगोन में 22 वर्षीय दिव्यांग आयुष कुंडल पर सटीक बैठता है. दोनों पैरो से दिव्यांग बड़वाह निवासी आयुष ना तो अपने हाथों से कुछ कर सकता है, ना ही ढंग से बैठ सकता है और ना ही बोल सकता है. कुदरत ने उसे दिव्यांग तो बना दिया लेकिन पैरों में ऐसी कला दे दी है कि हर कोई उसे देखकर दंग रह जाता है. आयुष कुंडल अपने पैरों से बहुत सुदंर पेंटिंग करते हैं. आयुष अबतक 100 से ज्यादा पेटिंग्स बना चुके हैं. उनकी पेंटिंग्स देखकर हर कोई दंग रह जाता है. आयुष की मां का कहना है कि उनके बेटे का सपना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन से मिलना है. वीडियो देखें.