scorecardresearch
 

उत्तराखंड में कोरोना के बढ़ते मामले देख नई गाइडलाइन जारी, कोचिंग संस्थान-स्पा-स्वीमिंग पूल सब रहेंगे बंद

वहीं शादी समारोह, धार्मिक और राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर एडवाइजरी में कहा गया है कि ऐसे आयोजनों में 200 से अधिक लोग शामिल नहीं हो पाएंगे. प्रदेश के सभी कोचिंग संस्थान, स्वीमिंग पूल और स्पा पूरी तरह बंद रहेंगे.

Advertisement
X
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत
स्टोरी हाइलाइट्स
  • उत्तराखंड में कोरोना से हाल बेहाल
  • राज्य सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन
  • सिनेमा हॉल, रेस्टोरेंट और जिम के लिए नए नियम

हरिद्वार के कुंभ क्षेत्र में कोरोना के कारण हड़कंप मच गया है और यहां 50 से अधिक साधु-संत महामारी की चपेट में आ चुके हैं. जबकि बीते दिन एक संन्यासी का इस कारण निधन भी हो गया. मौजूदा हालात को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने आज शुक्रवार को नई एडवाइजरी जारी की है, जिसके तहत सिनेमा हॉल, रेस्टोरेंट और जिम 50 फीसद क्षमता के साथ ही संचालित किए जा सकेंगे. इसके अलावा बस, विक्रम, ऑटो आदि सार्वजनिक वाहन भी 50 फीसद यात्री क्षमता के साथ ही संचालित किए जा सकेंगे.

सरकार की ओर से शादी समारोह, धार्मिक और राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि ऐसे आयोजनों में 200 से अधिक लोग शामिल नहीं हो पाएंगे. प्रदेश के सभी कोचिंग संस्थान, स्वीमिंग पूल और स्पा भी पूरी तरह बंद रहेंगे.

कुंभ क्षेत्र में कोरोना का कहर

कुंभ नगरी हरिद्वार में 14 अप्रैल के मुख्य शाही स्नान के बाद अखाड़ों की छावनियों में कोरोना का कहर तेजी से अपना असर दिखाने लगा है. अब कोरोना संक्रमित संत-संन्यासियों की लिस्ट सामने आने लगी है. पिछले 24 घंटे में जूना निरंजनी और आह्वान अखाड़े में 9 संत कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. संन्यासी अखाड़ों और बैरागी शिविरों में अब तक 50 संत कोरोना से संक्रमित मिले हैं, जबकि एक महामंडलेश्वर का कोरोना संक्रमण बढ़ने की वजह से निधन भी हो चुका है. 

Advertisement

हरिद्वार जिले में पिछले 24 घंटे में 629 कोरोना से संक्रमित मिले हैं, जिसमें 153 श्रद्धालु भी शामिल हैं. इन श्रद्धालुओं की पहचान स्क्रीनिंग सेंटर्स में ही कर ली गई. हरिद्वार के सीएमओ डॉ एसके झा ने बताया कि शाही स्नान के बाद रेंडम सेंपलिंग में तेजी लाई जा रही है, टीमें भी बढ़ा दी गई हैं और रफ्तार भी. हालांकि, इसका किसी के पास जवाब नहीं है कि आखिर कोरोना प्रोटोकॉल का पालन क्यों नहीं कराया जा रहा है. कुंभ मेले के आईजी कहते हैं कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने से भगदड़ मच सकती है.

कुंभ क्षेत्र में किसने फैलाया कोरोना?

इस बीच पंचायती श्रीनिरंजनी अखाड़ा और तपो निधि श्रीआनंद अखाड़ा ने कुंभ मेले में अपनी-अपनी छावनियां बंद करने का निर्णय लिया है. दोनों अखाड़े 17 अप्रैल से अपनी-अपनी छावनियां बंद करेंगे. दोनों अखाड़ों ने देशभर के साथ ही हरिद्वार में भी कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बाद यह फैसला लिया है.

दूसरी ओर, कुंभ क्षेत्र में कोरोना किसकी वजह से फैला, इसको लेकर अखाड़े आपस में ही भिड़ गए. बैरागी अखाड़े का आरोप है कि कुंभ में कोरोना संन्यासी अखाड़े के कारण फैला है. कोरोना के बढ़ते संकट के बीच अखाड़ों में ये जंग छिड़ गई है. बैरागी अखाड़े का कहना है कि कोरोना संन्यासी अखाड़ों से फैला है, बैरागी अखाड़े ने इसे नहीं फैलाया है.

Advertisement

बैरागी अखाड़े के अलावा निर्मोही अखाड़े के अध्यक्ष महंत राजेंद्र दास का भी बयान आया है. महंत राजेंद्र दास का कहना है कि कुंभ में बढ़ते संक्रमण के लिए अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि जिम्मेदार हैं.

 

Advertisement
Advertisement