उत्तराखंड मे तेज बारिश और सैलाब से कई शहरों में हालात बिगड़ गए हैं. पिथौरागढ़ और चमोली में बादल फटने से 30 लोगों के मौत की आशंका जताई जा रही है. जबकि 18 लोगों शव बरामद किए जा चुके हैं. भारी बारिश के कारण ऋषिकेश-बद्रीनाथ मार्ग पर तोता घाटी के निकट नेशनल हाईवे पर चट्टान आ गिरी, जिससे हाईवे बंद हो गया.
नदियों का जलस्तर बढा
मानसून के आते ही उत्तराखंड में आफतों का दौर भी शुरू हो गया. बागेश्वर में नदियों का जलस्तर काफी बढ़ गया हैं. नैनीताल में रात से रुक-रुककर बारिश हो रही है. जानकारी के मुताबिक, के कारण पिथौरागढ़ में 9 और चमोली में 9 लोगों की मौत हुई है. सड़कों के क्षतिग्रस्त होने के कारण राहत एवं बचाव के काम में बाधा आ रही है. कई गांवों का सड़क संपर्क टूट गया है.
एक ही परिवार के तीन की मौत
पिथौरागढ़ के डीडीहाट में सबसे अधिक 5 लोग मारे गए हैं, जबकि नौलाड़ा में के चिफलवाकुमल्गोनि में एक मकान पहाड़ी से आए मलबे में दब गया. इससे एक ही एक ही परिवार के तीन सदस्य दब गए. बस्तड़ी में मलबे में दबे 4 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है. सिंगाली, दाफिला, बस्तड़ी और नौलाड़ा क्षेत्र में बादल फटने से जमीन से पानी निकल रहा है. कितने और दबे हैं इसकी वास्तविक संख्या का पता नहीं चल सका है.
Uttarakhand: Rishikesh-Badrinath National Highway (NH-58) blocked due to heavy rains and landslide near Devprayag
— ANI (@ANI_news)
नेशनल हाईवे को चालू करने में जुटे कर्मी
मार्ग पर तोता घाटी के निकट हाईवे पर सुबह करीब 4 बजे चट्टान आ गिरी. इससे यह मार्ग बंद हो गया. फिलहाल चट्टान को हटाने का काम जारी है. प्रभारी थानाध्यक्ष देवप्रयाग हीरामणि पोखरिया ने बताया कि क्षेत्र में रात से ही भारी बारिश जारी है. जेसीबी की मदद से रास्ते को दुरुस्त करने का काम जारी है, फिलहाल मार्ग बंद होने से दोनों ओर लंबा जाम लग गया है.
Srinagar (Uttarakhand): Alaknanda river crosses danger mark after a cloud burst.
— ANI (@ANI_news)