हरिद्वार पुलिस ने गोकशी के मामलों में बड़ी कार्रवाई की तैयारी करते हुए जिले के 11 थाना क्षेत्रों में सक्रिय 57 गिरोहों को चिन्हित किया है. इन गिरोहों से जुड़े 162 अभियुक्तों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी. इसके साथ ही 67 आरोपियों पर गुंडा एक्ट लगाने और उन्हें जिला बदर करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.
पुलिस ने गोवंश संरक्षण अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम का बार-बार उल्लंघन करने वालों की विस्तृत कुंडली तैयार की है. एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि इन मामलों में लगातार संलिप्त पाए जा रहे आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जनपद में गोकशी, पशु तस्करी और पशु क्रूरता से जुड़े लोगों का पूरा डेटा एकत्र किया गया है. इसी आधार पर 57 गैंग के 162 आरोपियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की योजना बनाई गई है.
यह भी पढ़ें: हरिद्वार-देहरादून हाईवे पर भयानक हादसा, कई गाड़ियां आपस में टकराईं, एक महिला की मौत
संपत्ति जब्ती और जिला बदर की तैयारी
एसएसपी के मुताबिक, 67 आरोपियों के खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई शुरू कर दी गई है और इन्हें जिला बदर करने की प्रक्रिया पर भी काम किया जा रहा है. साथ ही 122 व्यक्तियों के खिलाफ 138 बीएनएस के तहत कार्रवाई की जा रही है.
पुलिस ने जिन 162 आरोपियों को चिन्हित किया है, उनकी संपत्तियों की पहचान भी कर ली गई है. इन सभी की संपत्तियों को गैंगस्टर एक्ट के तहत अटैच करने की कार्रवाई की जाएगी. इसके अलावा लगातार अपराध में शामिल लोगों को भारी धनराशि से पाबंद किया जाएगा.
उन्होंने बताया कि यदि कोई आरोपी मुचलका तोड़ता है, तो उसकी पाबंद धनराशि जब्त कर ली जाएगी. पुलिस ने साफ किया है कि गोकशी और पशु क्रूरता जैसे अपराधों में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.
थाना स्तर पर गैंग चिन्हित
पुलिस के अनुसार, कोतवाली रुड़की में 6, झबरेड़ा में 7, भगवानपुर में 13, बुग्गावाला में 1, बहादराबाद में 7, पथरी में 3, लक्सर में 3, कलियर में 3, रानीपुर में 4, गंगनहर में 5 और मंगलौर में 3 गैंग चिन्हित किए गए हैं.
एसएसपी ने बताया कि इन सभी क्षेत्रों में गोकशी और पशु क्रूरता के मामलों में संलिप्त लोगों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने आम जनता से अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध पशु कटान या पशु क्रूरता की घटना दिखाई दे, तो तुरंत नजदीकी थाने या गौ संरक्षण स्क्वायड को सूचना दें. सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी.