उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में दिनदहाड़े हुए अर्जुन शर्मा हत्याकांड ने नया मोड़ ले लिया है. देर रात पुलिस और दो आरोपियों- राजू राणा और पंकज राणा के बीच मुठभेड़ हो गई, जिसमें राजीव उर्फ राजू के दाहिने पैर में गोली लगी. दोनों को घायल हालत में पुलिस ने गिरफ्तार कर कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती कराया. देर रात एसएसपी अजय सिंह भी अस्पताल पहुंचे और मामले की जानकारी ली.
पुलिस के अनुसार, अर्जुन शर्मा की तिब्बती मार्केट के सामने गोली मारकर हत्या की गई थी. शुरुआती जांच में सामने आया कि इस वारदात की सुपारी दो सगे भाइयों ने ली थी. पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर स्वीकार किया है कि हत्या की डील 12 से 15 लाख रुपये के बीच तय हुई थी. हालांकि पुलिस अभी आधिकारिक तौर पर किसी भी दावे की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही करेगी.
सूत्रों के मुताबिक, राजू राणा ई-रिक्शा चलाता है और उसका आपराधिक इतिहास भी रहा है. साल 1997 में वह अपने सौतेले पिता की हत्या के मामले में जेल जा चुका है. पुलिस ने बताया कि डोईवाला इलाके में आरोपियों को पकड़ने की कोशिश के दौरान उन्होंने फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस कार्रवाई में वे घायल हुए.
मामले की जांच के दौरान एक और अहम पहलू सामने आया है. आरोपियों ने पूछताछ में एक डॉक्टर का नाम लिया है. वहीं मृतक अर्जुन शर्मा की पत्नी ने भी अपनी तहरीर में देहरादून के कुछ बड़े नामों का जिक्र किया है. सूत्रों का कहना है कि पूछताछ में कई अन्य नाम भी सामने आए हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है.
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की हर एंगल से गहन जांच कर रही है. आरोपियों से विस्तृत पूछताछ जारी है और जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा. फिलहाल दोनों घायल आरोपियों का इलाज चल रहा है और पुलिस सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. पुलिस का कहना है कि साजिश में शामिल हर व्यक्ति की भूमिका की जांच कर कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी.