उत्तराखंड में जारी राजनीतिक संकट को लेकर मार्च करते हुए जहां सोमवार शाम को बीजेपी के विधायक और सांसद राष्ट्रपति भवन पहुंचे, वहीं कांग्रेस नेताओं के प्रतिनिधि मंडल ने भी प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की. कांग्रेस ने केंद्र के इशारे पर सरकार में तोड़फोड़ का आरोप लगाया है, वहीं इस बीच राज्य के गवर्नर ने लॉ सेक्रेटरी को हालात पर रिपोर्ट के साथ तलब किया है.
दूसरी ओर, बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि कांग्रेस के नौ बागी विधायक अलग से राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे, वहीं राष्ट्रपति भवन मार्च के दौरान बीजेपी सांसदों और विधायकों को राज्य सरकार की बर्खास्तगी की मांग की.
इसके पहले उत्तराखंड के अपनी कुर्सी बचाने की जद्दोजहद के बीच मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोमवार को बीजेपी के आरोपों पर पलटवार किया है. उन्होंने टी एस्टेट, खनन भूमि और नैनीसार में पूंजीवाद को बढ़ावा देने के आरोपों पर अपनी सफाई भी दी. उन्होंने कहा कि बीजेपी के सारे आरोप बेबुनियाद हैं. जबकि दिल्ली में रावत के खिलाफ बीजेपी सांसद और विधायक राष्ट्रपति भवन तक मार्च कर रहे हैं.
इस मार्च में उत्तराखंड बीजेपी के सांसद और विधायक शामिल हैं. यह मार्च विजय चौक से राष्ट्रपति भवन की ओर हो रही है, जबकि इसमें कांग्रेस के 9 बागी विधायक हिस्सा नहीं ले रहे हैं.
कि बीजेपी ने उन पर स्मार्ट सिटी, भूमि आवंटन और खनिज माफिया से संबंधों को लेकर मनगढ़ंत आरोप लगाए हैं. उनके पास अगर इससे जुड़े कोई सबूत हो तो सामने लाएं.: BJP leaders march from Vijay Chowk to Rashtrapati Bhavan, will meet the President shortly.
— ANI (@ANI_news)
BJP has levelled 3 allegations against me on smart city,land allotment issue, mining mafia issue. All allegations are baseless- Harish Rawat
— ANI (@ANI_news)
500 खनन पट्टे देने वाले बीजेपी लगा रही है आरोप
उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी को लेकर जो बीजेपी का आरोप गलत है. बीजेपी के पास आरोप लगाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है. खनन की जो बात कही जा रही है उसपर सफाई की कोई जरूरत नहीं. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के कार्यकाल में 500 से ज्यादा खनन पट्टे दिए गए. वह किस मुंह से मुझ पर आरोप लगा रहे हैं?
कांग्रेस ने बीजेपी पर लगाया देश बांटने का आरोप
दूसरी ओर कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने पर छाए संकट के लिए बीजेपी पर आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से एक चुनी हुई सरकार को हटाने की कोशिश कर उत्तराखंड की जनता को नीचा दिखाया जा रहा है. वहीं भारत माता की जय को देशभक्ति के लिटमस टेस्ट की तरह पेश कर देश को बांटने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने से काला धन, अच्छे दिन और महंगाई पर लगाम के चुनावी वादे पर भी जवाब मांगा.