उत्तराखंड की राजनीति और समाज में अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर से उबाल पर है. अंकिता हत्याकांड से जुड़े वायरल ऑडियो प्रकरण के बाद से गायब अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने सोशल मीडिया पर वापसी कर सनसनीखेज दावे किए हैं. वहीं दूसरी ओर, बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत गौतम ने अपना नाम उछाले जाने के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया है.
दरअसल, करीब एक सप्ताह के अंतराल के बाद अभिनेत्री उर्मिला सनावर की सोशल मीडिया पर अचानक वापसी ने नई हलचल पैदा कर दी है. अंकिता हत्याकांड से जुड़े वायरल ऑडियो प्रकरण के बाद जिनकी तलाश में पुलिस जुटी हुई थी, वही उर्मिला सनावर अब सार्वजनिक रूप से सामने आई हैं.
ऑडियो वायरल मामले और पूर्व में दर्ज मुकदमों के चलते पुलिस लगातार उनकी लोकेशन ट्रेस करने में लगी थी. लंबे समय तक सार्वजनिक मंच से दूर रहने के बाद उर्मिला ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट साझा करते हुए बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा है कि वह अंकित हत्याकांड की जांच कर रही एसआईटी के समक्ष पेश होने को तैयार हैं.
'सबूतों के साथ आ रही हूं'
अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने फेसबुक पोस्ट के जरिए अपनी चुप्पी तोड़ी और लिखा, "असुरों का नाश करने के लिए देवी को भी 9 महीने छुप कर रहना पड़ा था, मैं 9 दिन के बाद अपने गर्भ जून से बाहर आ रही हूं... सबूतों के साथ अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने. मैं SIT जांच के लिए तैयार हूं."
उर्मिला ने सीधा हमला करते हुए कहा कि जिनके पास 'क्लीनचिट' नहीं है, वे राजनीति न करें. उन्होंने शासन-प्रशासन से अपील की है कि उनके द्वारा दिए जाने वाले सबूतों के साथ कोई छेड़छाड़ न की जाए.
दुष्यंत गौतम की दिल्ली हाईकोर्ट में दस्तक
उधर, अंकिता हत्याकांड में नाम घसीटे जाने से नाराज बीजेपी महासचिव दुष्यंत गौतम ने कड़ा रुख अपनाया है. उनकी तरफ से दायर मानहानि मामले में दिल्ली हाईकोर्ट बुधवार को सुनवाई करेगा.
दुष्यंत गौतम के वकील गौरव भाटिया ने इस पर जल्द सुनवाई करने की गुहार दिल्ली हाई कोर्ट के समक्ष लगाई थी.
BJP महासचिव दुष्यंत गौतम ने दिल्ली हाईकोर्ट में कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और अन्य के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है. दुष्यंत गौतम ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सोशल मीडिया मे नाम उछाले जाने के बाद मानहानि का मुकदमा दायर कर अपने खिलाफ डाले गए मानहानिकारक कंटेंट को हटाने और 2 करोड़ रुपये हर्जाने की मांग की है.
रुड़की में 'आक्रोश रैली' और 11 जनवरी को बंद का आह्वान
वहीं, रुड़की में उत्तराखंड एकता मंच के बैनर तले एक विशाल रैली निकाली गई. जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सहित कई दिग्गज कांग्रेसी नेता शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्षता के लिए इसकी जांच CBI को सौंपी जाए. अंकिता भंडारी के पिता ने 11 जनवरी को प्रस्तावित 'उत्तराखंड बंद' के लिए प्रदेश के व्यापारियों और जनता से हाथ जोड़कर समर्थन मांगा है.
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि उत्तराखंड में सितंबर 2022 में एक होटल में 19 साल की रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी. इस मामले में बीजेपी के पूर्व नेता के बेटे पुलकित आर्य पर को अंकिता की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. निचली अदालत ने इस मामले में पुलकित आर्य और दो अन्य को उम्रकैद की सजा सुनाई है. लेकिन अभी भी 'वीआईपी' गेस्ट के नाम को लेकर सस्पेंस बना हुआ है, जिसे लेकर विपक्ष लगातार BJP सरकार को घेर रहा है.