इंडिया टुडे के कार्यक्रम न्यूड टुडे में बातचीत के दौरान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेता और प्रवक्ता मनोज मिश्रा ने सीडीआर जारी करने को लेकर कहा कि बिलकुल होनी चाहिए. अखिलेश (यादव) कह रहे हैं कि वह समाजवादी पार्टी का नहीं था. उसके नाम से 30 हजार रुपये की सदस्यता रसीद पूरे सोशल मीडिया में वायरल हो रही है. दूसरी बात सपा के राज में मंत्री थे शिव कुमार, जिनका बयान है कि अखिलेश ने विकास की पत्नी को टिकट दिया था. जो कानपुर के अखबारों में भी छपा है.
मौत से दफन हो गए कई राजः अखिलेश यादव
कानपुर में पिछले हफ्ते 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद गिरफ्तारी से बचते हुए विकास दुबे पिछले एक हफ्ते से फरार था और इस दौरान उसने किन-किन लोगों से बात की. इस संबंध में समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सीडीआर जारी करने की मांग की है.
एनकाउंटर के बाद अखिलेश यादव ने इंडिया टुडे के वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई से बात करते हुए कहा कि शुक्रवार सुबह कार पलट जाती है. अपराधी भागने की कोशिश करता है और फिर पुलिस की गोलीबारी में वह मारा जाता है. उन्होंने आगे कहा, मेरा कहना है कि जिस अपराधी का एनकाउंटर हुआ, उसके भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से सीधे-सीधे संबंध थे. अभी तक विकास दुबे ने जो भी अपराध किए हैं उसमें बीजेपी के नेताओं का भी सहयोग था.
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पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आगे कहा कि जितने लोगों का एनकाउंटर हुआ है पुलिस उसके मोबाइल की सीडीआर जारी करे. सरकार मालूम करे कि विकास को कौन जानकारी दे रहा था. इन गंभीर मुद्दों को लेकर पर्दा क्यों नहीं उठाया जा रहा है.
उन्होंने एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए कहा कि विकास दुबे की हत्या या एनकाउंटर इसलिए किया गया क्योंकि उसके सीने में कई राज दफन थे. राज से अगर पर्दा उठ जाता तो बीजेपी आज सवालों के जवाब नहीं दे पाती. कार नहीं पलटी. मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार पलटने से बचाया है.
कानूनी और संवैधानिक बाध्यताः मनोज मिश्रा
सीडीआर जारी होने के सवाल पर मनोज मिश्रा ने कहा कि आज तक देश में इतने एनकाउंटर हुए क्या किसी के भी सीडीआर जारी हुए. एनकाउंटर खूब हुए लेकिन किसी के सीडीआर नहीं जारी हुए. उन्होंने कहा कि मैं खुद पिछले 15 साल से यूपी में पार्टी प्रवक्ता हूं और इस दौरान नहीं देखा कि कोई सीडीआर जारी की गई हो.
उन्होंने कहा कि यह कानूनी और संवैधानिक बाध्यता हो सकती है. हालांकि इस बारे में मुझे जानकारी नहीं है. ये तो एडवोकेट बताएंगे कि सीडीआर जारी हो सकती है या नहीं. मनोज मिश्रा ने यह भी कहा कि आप यह मानिए कि अगर सीडीआर जारी हुई तो समाजवादी पार्टी के लोग जिम्मेदार निकलेंगे और उनके कनेक्शन भी निकलेंगे.
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इस एनकाउंटर के बारे में सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट प्रशांत भूषण ने कहा कि इस मामले में साफ दिखता है कि विकास दुबे के शीर्ष पुलिस अफसर और उत्तर प्रदेश के दिग्गज नेताओं के साथ करीबी कनेक्शन थे और उसे उन लोगों से संरक्षण मिला हुआ था.