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पूर्व सांसद की बहू बनी वाराणसी की मेयर, बनाया जीत का रिकॉर्ड

बीजेपी 20 साल से यहां नगर निगम पर राज कर रही है. इस बार वाराणसी नगर निगम का मेयर पद पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए सुरक्षित है.

वाराणसी में मोदी इफ़ेक्ट कायम. वाराणसी में मोदी इफ़ेक्ट कायम.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बीजेपी ने एक बार फिर बड़ी जीत दर्ज की है. यहां से बीजेपी मेयर प्रत्याशी मृदुला जायसवाल ने 1,92,188 मतों से जीत दर्ज की है. मृदुला काउंटिंग के पहले ही राउंड से बढ़त बनाए हुए थी.

उन्हें कांग्रेस की प्रत्याशी शालिनी यादव से कड़ी टक्कर मिली. शालिनी को 113345 वोट मिले. इसके अलावा समाजवादी पार्टी से प्रत्याशी साधना गुप्ता को 99272 वोट मिले. बसपा प्रत्याशी सुधा चौरसिया का प्रदर्शन ठीक नहीं रहा. उन्हें केवल 28,959 वोट मिले.

बीजेपी ने वाराणसी नगर निगम में लगातार पांचवी जीत दर्ज की है, जो अपने आप में रिकॉर्ड है. बता दें कि बीजेपी 20 साल से यहां नगर निगम पर राज कर रही है. इस बार वाराणसी नगर निगम का मेयर पद पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए सुरक्षित था. यहां नगर निगम के कुल 90 वार्ड में चुनाव हुआ.

कौन है मृदुला...

वाराणसी से मेयर का चुनाव जीतने वाली मृदुला जायसवाल बीजेपी से पहले संघ से जुड़ी रही हैं. बता दें कि उनका बैकग्राउंड राजनीतिक घराने से जुड़ा है. पूर्व सांसद स्व. शंकर प्रसाद जायसवाल उनके ससुर थे. वे यहां से भाजपा की टिकट पर दो बार सांसद भी रह चुके हैं. उनकी मृत्यु के बाद भी जायसवाल परिवार संघ से जुड़ा रहा.

कहा जाता है कि जायसवाल परिवार की ओर से विधानसभा चुनाव के दौरान टिकट की मांग की गई थी, लेकिन उस वक्त भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया था. इस बार समीकरण ठीक बैठे तो मृदुला को मेयर पद पर उतारा गया और उन्होंने जीत भी हासिल कर ली.

बताया जा रहा है कि वाराणसी मेयर पद के लिए कई नाम बीजेपी के पास आए थे, लेकिन मृदुला उच्च शिक्षित होने के कारण मेयर पद के पैमानों में फिट बैठ रही थी. इसीलिए बीजेपी ने उन्हें मौका दिया.

मृदुला ने जीत के बाद वाराणसी की जनता को धन्यवाद किया. उन्होंने जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ को दिया है.

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