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आजम खान की मुश्किलें बढ़ीं, शत्रु संपत्ति मामले में एक और मुकदमा दर्ज

रामपुर शहर कोतवाली में आजम खान समेत चार के खिलाफ शत्रु संपत्ति के मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया हैं. आरोप है कि रामपुर के तत्कालीन  एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (ईओ) ने आजम खान और उनके जौहर विश्वविद्यालय ट्रस्ट को फायदा पहुंचाने के लिए कागजों में हेराफेरी कर गलत नोटिस जारी किया था.

आजम खान (फाइल फोटो) आजम खान (फाइल फोटो)

रामपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान की मुश्किलें और बढ़ रही हैं. रामपुर शहर कोतवाली में आजम खान समेत चार के खिलाफ शत्रु संपत्ति के मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया है. आरोप है कि रामपुर के तत्कालीन एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (ईओ) ने आजम खान और उनके जौहर विश्वविद्यालय ट्रस्ट को फायदा पहुंचाने के लिए कागजों में हेराफेरी कर गलत नोटिस जारी किया था.आजम खान पर यह मुकदमा नायब तहसीलदार की तरफ से दर्ज कराया गया है.

तहरीर के मुताबिक, रामपुर के सींगनखेड़ा इलाके में स्थित शत्रु संपत्ति को पहले इन लोगों ने मिलीभगत से वक्फ में अंकित कराया और फिर उस संपत्ति के बारे में कब्जा जमा होने का नोटिस जारी कर दिया गया, जिसे बाद में आजम खान ने अपने ट्रस्ट में शामिल कर लिया. दूसरी तरफ दारुल आवाम और मदरसा आलिया के भवनों को जोहर ट्रस्ट को देने के मामले की जांच भी अब एसआईटी करेगी. जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर यह मामला सरकार ने एसआईटी को सौंपा है.

इससे पहले रामपुर प्रशासन ने दारुल आवाम और मदरसा आलिया के भवनों का पट्टा निरस्त करने का आदेश जारी किया था. आरोप यह है कि आजम खान ने सपा सरकार में इन दोनों को जौहर ट्रस्ट के नाम से आवंटित करा लिया था.

इससे पहले रामपुर स्थित मौलाना जौहर अली विश्वविद्यालय में पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाया था. इस मामले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा था. कोर्ट ने सरकार को 4 हफ्ते में जवाब देने के लिए कहा था.  इसके साथ ही इस मामले में डीएम, एसएसपी को नाम सहित नोटिस भी जारी किया गया था.

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