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UP: पंचायत चुनाव के नतीजों से पहले कोविड टेस्ट कराने में जुटे प्रत्याशी-एजेंट, गाइडलाइंस का हो रहा उल्लंघन

कोरोना के संकट काल में चार चरणों में मतदान हुआ है. अब 2 मई को आने वाले नतीजों पर हर किसी की नज़रें टिकी हैं. मतगणना के लिए प्रत्याशी या किसी भी एजेंट के लिए RT-PCR टेस्ट कराना जरूरी है. 

श्रावस्ती में कोविड टेस्ट कराने के लिए जुटी भीड़ श्रावस्ती में कोविड टेस्ट कराने के लिए जुटी भीड़
स्टोरी हाइलाइट्स
  • यूपी में 2 मई को आएंगे पंचायत चुनाव के नतीजे
  • काउंटिंग सेंटर पर जाने के लिए टेस्ट कराना जरूरी
  • श्रावस्ती में उड़ी गाइडलाइंस की धज्जियां

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव के लिए मतदान खत्म हो गया है. कोरोना के संकट काल में चार चरणों में मतदान हुआ है. अब 2 मई को आने वाले नतीजों पर हर किसी की नज़रें टिकी हैं. मतगणना के लिए प्रत्याशी या किसी भी एजेंट के लिए RT-PCR टेस्ट कराना जरूरी है. 

मतगणना शुरू होने से पहले ही यूपी के श्रावस्ती जिले से जो तस्वीरें सामने आई हैं, वो डराने वाली हैं. यहां कोविड-19 के टेस्ट के लिए भीड़ जुटी है और इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं.

श्रावस्ती में पंचायत चुनाव के पहले चरण में ही मतदान हो गया था. अब यहां मतदान से पहले प्रत्याशी और एजेंट कोविड टेस्ट कराने में जुटे हैं. जिले के सिरसिया, गिलौला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर टेस्ट के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी है. 


हाल ये है कि टेस्टिंग कराने आए लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना ही भूल गए हैं. यहां अधिकतर लोगों के चेहरे पर मास्क तो लगा दिख रहा है, लेकिन शारीरिक दूरी का पालन नहीं हो रहा है. ऐसे में अस्पताल की ओर से की जा रही व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि कोविड के लिए टेस्टिंग हो रही है लेकिन उससे जुड़ी गाइडलाइन्स का पालन होता नहीं दिख रहा है. 

आपको बता दें कि पंचायत चुनाव के दौरान ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां चुनाव की ड्यूटी में लगे लोग कोविड से संक्रमित हो गए हैं, या उनकी मौत हो गई है. अदालत ने भी कोविड संकट के वक्त चुनाव होने और गाइडलाइन्स का पालन ना होने पर आपत्ति जताई थी. 

(रिपोर्ट: पंकज वर्मा)  

 

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