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उत्तर प्रदेशः शिक्षामित्र पत्नी की सैलरी हुई कम तो पति ने दे दिया तलाक

बिजनौर में शिक्षामित्र के रूप में कार्यरत महिला को उसके पति ने तलाक दे दिया. बताया जाता है कि वह पत्नी के शिक्षक संवर्ग में समायोजन रद्द होने के बाद से खफा चल रहा था.

प्रतीकात्मक चित्र प्रतीकात्मक चित्र

  • वेतन कम हो जाने के बाद पत्नी से लगातार मारपीट करता था
  • फोन पर दिया तीन तलाक, हुई पंचायत तो वहां भी दिया तलाक
  • पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर तहकीकात कर रही पुलिस

केंद्र सरकार द्वारा तीन तलाक को लेकर कानून बनाए जाने के बावजूद तीन तलाक के मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे. आए दिन कहीं न कहीं से तीन तलाक की खबरें आ ही रही हैं. अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बिजनौर में शिक्षामित्र के रूप में कार्यरत महिला को उसके पति ने तलाक दे दिया.

बताया जाता है कि वह पत्नी के शिक्षक संवर्ग में समायोजन रद्द होने के बाद से खफा चल रहा था. वह वेतन कम हो जाने के बाद पत्नी से लगातार मारपीट करता था. पीड़िता ने पति अब्दुल कादिर के खिलाफ तहरीर दे दी है.

जानकारी के अनुसार बिजनौर के महमूदपुर नेशो  गांव में तीन तलाक का मामला सामने आया है. महमूद नशो गांव की रहने वाली मुमताज अंजुम का निकाह 2015 में मसीत गांव के अब्दुल कादिर के साथ हुआ था. मुमताज अंजुम शिक्षामित्र के रूप में कार्यरत हैं.

जब शादी हुई थी, तब मुमताज का शिक्षक के रूप में समायोजन हो चुका था. तब मुमताज का वेतन लगभग 39 हजार था. समायोजन रद्द होने के बाद मुमताज का वेतन 10 हजार रुपये ही रह गया.

मुमताज के अनुसार उसका पति इस बात को लेकर अक्सर झगड़ता था. वह मारपीट भी करता था और अभद्र व्यवहार करता था. एक दिन फोन पर उसने अपनी पत्नी को तीन बार तलाक तलाक तलाक बोलकर तलाक दे दिया. मुमताज के अनुसार इसके बाद पंचायत भी हुई.

पीड़िता ने आरोप लगाया कि पति ने भरी पंचायत में भी उसे तलाक दिया. महिला ने तीन तलाक दिए जाने के बाद पति के खिलाफ चांदपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है. जनपद की चांदपुर थाने की पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर तहकीकात शुरू कर दी है.

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