scorecardresearch
 

UP में अटकी है 1.6 लाख पदों पर चयन की प्रक्रिया, सरकार ने शुरू की कवायद

उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग और माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने लगभग 50 हजार पदों पर नियुक्ति के लिए प्रक्रिया शुरू की थी. अब सरकार ने फिर से इन दोनों के साथ ही बेसिक शिक्षा परिषद को समाप्त कर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

Advertisement
X
सरकार ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के गठन की कवायद शुरू की (फाइल फोटो)
सरकार ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के गठन की कवायद शुरू की (फाइल फोटो)

  • खटाई में पड़ी 50 हजार पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया
  • यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग के गठन की कवायद शुरू

बढ़ती बेरोजगारी के बीच देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में एकबार फिर 50 हजार पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया खटाई में पड़ गई है. प्रदेश में उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग और माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने लगभग 50 हजार पदों पर नियुक्ति के लिए प्रक्रिया शुरू की थी. अब सरकार ने फिर से इन दोनों के साथ ही बेसिक शिक्षा परिषद को समाप्त कर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

इससे उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग और माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से शुरू की गई भर्ती प्रक्रिया खटाई में पड़ गई है. इसके अलावा अभ्यर्थियों को 1.6 लाख पदों पर भर्ती का इंतजार है. बताया जाता है कि प्रयागराज की चार भर्ती संस्थाओं की 11 प्रमुख भर्तियों में 159024 पदों पर चयन होना है. इनमें से ज्यादातर भर्तियों की प्रक्रिया चल रही है, जबकि कुछ की अभी शुरू ही नहीं हो सकी है.

Advertisement

यह भी पढ़ें- यूपी के 36 जिलों में लगेंगे रोजगार मेले, 5 दिन तक युवा पा सकेंगे नौकरी

कई भर्तियां ऐसी हैं, जिनको लेकर न्यायालय में वाद लंबित हैं. परिषदीय प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के 69000, समीक्षा अधिकारी और सहायक समीक्षा अधिकारी के 1170, परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शारीरिक शिक्षा के अंशकालिक अनुदेशक के 32022 पदों पर नियुक्ति का मामला न्यायालय में विचाराधीन है. वहीं, सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों में शिक्षक और प्राचार्य के 39704 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू होनी है, साथ ही सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में शिक्षकों के रिक्त 4300 और सहायता प्राप्त डिग्री कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 373 पदों पर भर्ती भी लंबित हैं.

यह भी पढ़ें- पेप्सिको, अडानी समेत कई कंपनियां करेंगी यूपी में निवेश, हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार

परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में 4000 उर्दू शिक्षकों की भर्ती न्यायालय में विचाराधीन है, वहीं राजकीय हाईस्कूल एवं इंटर कॉलेज एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती 3287 पदों पर लंबित है. संस्कृत विद्यालय एवं महाविद्यालय में रिक्त सहायक अध्यापकों की भर्ती 978 पदों पर शुरू होनी है. सहायता प्राप्त डिग्री कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के 3900 पदों पर भर्ती शुरू होनी है. सहायता प्राप्त डिग्री कॉलेजों में प्राचार्य के 290 पदों पर भी भर्ती लंबित है.

Advertisement

साल 2017 में सरकार ने किया था नए आयोग के गठन का ऐलान

साल 2017 के मार्च में भाजपा की सरकार बनने के बाद उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग, माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड और बेसिक शिक्षा परिषद को समाप्त कर दिया गया था. इन तीनों की जगह पर सरकार ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग बनाने की घोषणा की थी. सरकार ने तब दावा किया था कि इससे भर्ती प्रक्रिया में तेजी आएगी.

उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग और माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के अध्यक्ष समेत कई सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया था, लेकिन लगभग एक साल बाद प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया. उसके बाद दोनों संस्थाओं में अध्यक्ष और सदस्यों की नए सिरे से नियुक्ति कर फरवरी 2018 से भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी.

Advertisement
Advertisement