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रुद्रपुर में 'राहुल की खटिया' की मची लूट, लूट सके तो लूट

क्या महिलाएं, क्या बच्चे और क्या बुजुर्ग. हर कोई खटिया थामे घरों की ओर दौड़ लगाते दिखाई दिए. जब उनसे पूछा गया कि क्या ये खाट उन्हें राहुल की ओर से दी गई हैं तो कुछ जवाब तो नहीं दिया बस खिसियाई सी हंसी हंस कर दिखा दी.

खाट लूटकर अपने घर ले जाते लोग खाट लूटकर अपने घर ले जाते लोग

खाट नाम की लूट है, लूट सके तो लूट... यूपी के रुद्रपुर में राहुल गांधी की खाट पंचायत के बाद यही नजारा देखने को मिला. यूपी में कांग्रेस की खोई जमीन वापस पाने के लिए राहुल गांधी ने वोटरों के लिए खाट बिछाई. यूपी के देवरिया से राहुल ने महायात्रा शुरू की तो रुद्रपुर में भी खाट पंचायत का आयोजन किया गया. इस मौके पर लोगों ने पहले जिस खाट पर बैठकर राहुल को सुना, उसी खाट पर कब्जा जमाया और फिर उसे ले चले राहुल की निशानी के तौर पर अपने-अपने घरों की ओर.

क्या महिलाएं, क्या बच्चे और क्या बुजुर्ग. हर कोई खटिया थामे घरों की ओर दौड़ लगाते दिखाई दिए. जब उनसे पूछा गया कि क्या ये खाट उन्हें राहुल की ओर से दी गई हैं तो कुछ जवाब तो नहीं दिया बस खिसियाई सी हंसी हंस कर दिखा दी. हां, वो लोग जरूर भुन्नाते हुए दिखाई दिए जिनके हाथ तमाम कोशिश के बाद भी कोई खाट हाथ नहीं लगी.

'कर्जा माफ, बिजली खर्चा हाफ'
राहुल अपनी 2500 किलोमीटर की यात्रा के दौरान किसानों की दुर्दशा को खास तौर पर हाईलाइट कर रहे हैं. कांग्रेस के यूपी चुनाव के लिए मास्टर रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने इसलिए पार्टी के झोले से किसानों के लिए 'कर्जा माफ, बिजली का खर्चा हाफ' का मंत्र निकाला है.

अब ये बात दूसरी है कि राहुल को सुनने आए लोगों ने यही सोचा कि जब कर्जा माफ होगा सो होगा, बिजली का बिल जब हाफ होगा सो होगा. अभी तो उसके सपने ही देखे जाएं और सपने देखने के लिए खटिया को तो घर ले जाना जरूरी है भाई.

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