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पंचायत चुनाव: महराजगंज में BJP के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के पति हारे चुनाव

भाजपा ने जिला पंचायत की सभी 47 सीटों पर अपने समर्थित प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारा था लेकिन मतगणना के बाद पार्टी को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा है.

बीजेपी और हिंदू युवा वाहिनी की अतंर्कलह का फायदा दूसरे प्रत्याशी को मिला. बीजेपी और हिंदू युवा वाहिनी की अतंर्कलह का फायदा दूसरे प्रत्याशी को मिला.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • भाजपा ने सभी 47 सीटों पर उतारे थे प्रत्याशी
  • दहाई के अंदर सिमट कर रह गया जीत का मंसूबा 
  • जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर BJP का ही रहा है कब्जा

यूपी के महारगंज त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भाजपा ने जिला पंचायत की सभी 47 सीटों पर अपने समर्थित प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारा था लेकिन मतगणना के बाद पार्टी को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा है. चुनाव में जीतने वाले भाजपा के समर्थित उम्मीदवार दहाई के आंकड़े के अंदर सिमट कर रह गए हैं.

स्थिति यह है कि सांसद पंकज चौधरी के भरोसेमंद पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष धर्मा देवी के पति नंदलाल भी चुनाव हार गए हैं. भाजपा के जिला महामंत्री ओम प्रकाश पटेल व भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष मधु पांडेय को भी हार का सामना करना पड़ा है.
 
गोरखपुर से 2 अक्टूबर 1989 को अलग होकर नया जिला बने महराजगंज में जिला पंचायत अध्यक्ष पद की कुर्सी प्राय: सांसद पंकज चौधरी के परिवार के पास ही रही है या उनके करीबी लोग ही निर्वाचित होते आए हैं.

इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष पद अनारक्षित था. इससे पूरी उम्मीद जताई जा रही थी कि यह पद आरक्षण के चलते दूर भी हुआ तो इनके किसी खास के पास ही जाएगा. इस बार पंकज चौधरी इस पद पर अपने बेटे को देखना चाह रहे थे. लेकिन पार्टी का फरमान उनकी इस ख्वाहिश के खिलाफ था. इसके पीछे कारण भारतीय जनता पार्टी की वह सख्त हिदायत थी जिसके मुताबिक उनका कोई सांसद या विधायक अपने किसी परिजन अथवा खास रिश्तेदार को मैदान में नहीं उतार सकता. इस हिदायत का पालन करने में स्थानीय सांसद पंकज चौधरी ने अपने परिवार के किसी सदस्य को जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में नहीं उतारा. 

भाजपा व हियुवा के अंर्तकलह में तीसरे ने मारी बाजी 

भाजपा ने नामांकन के एक दिन पहले जिला पंचायत सदस्य पद की सभी 47 सीटों पर प्रत्याशियों के नाम की घोषणा की थी. इसमें हियुवा के धुरंधर गायब थे. हियुवा जिलाध्यक्ष नरसिंह पांडेय, जिला उपाध्यक्ष संजय यादव, जिला संगठन मंत्री काशीनाथ सिंह, ब्लाक संयोजक अशोक यादव समेत कई हियुवा पदाधिकारियों ने इस बार जिला पंचायत के चुनावी मैदान में प्रचार-प्रसार शुरू कर दिया था, लेकिन सूची से नाम गायब देख असंतोष उभर कर सामने आ गया था. 

हियुवा पदाधिकारियों ने भाजपा से बगावत कर हिन्दू महासभा के टिकट से भगवा ध्वज लहराते हुए सियासी मैदान में ताल ठोकी थी. परतावल क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य वार्ड संख्या 40 से भाजपा ने अंगद गुप्ता की पत्नी को टिकट दिया था. इसी सीट से हियुवा के जिला संगठन मंत्री काशीनाथ सिंह ने भी अपनी पत्नी सोभा सिंह को चुनाव मैदान में उतारा. मतगणना में इन दोनों को हार का सामना करना पड़ा. इस वार्ड से डॉ जय गोविन्द सिंह सैंथवार की पत्नी रम्भा देवी चुनाव जीतीं.

वार्ड नम्बर 37 से बीजेपी कार्यकर्ता उमेश गुप्ता की पत्नी संगीता को टिकट दिया गया था. इसी सीट पर हियुवा के सक्रिय पदाधिकारी अशोक यादव ने अपनी पत्नी सोनी देवी को चुनाव लड़ाया. आपसी अंर्तकलह से इसी वार्ड से शमशाद आलम की पत्नी चुनाव जीत गईं.

भाजपा से बगावत कर चार सीट पर हियुवा पदाधिकारी चुनाव में उतरे थे. इन सभी चारों सीट पर न तो भाजपा उम्मीदवार जीते और ना ही हियुवा के पदाधिकारी. सदर क्षेत्र में हियुवा के जिला उपाध्यक्ष संजय यादव अपने पत्नी माधुरी यादव को चुनाव मैदान में उतारा था. उनको भी जीत नहीं मिली. हियुवा जिलाध्यक्ष नरसिंह पांडेय के परिवार का एक सदस्य भी जिला पंचायत का चुनाव लड़ा. उनको भी हार नसीब हुई. हियुवा के एक पदाधिकारी को जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में जीत मिली है. जिनपर भाजपा ने भी भरोसा जताया था.
 
देर रात तक विजेता उम्मीदवारों की नहीं हो पाई घोषणा 

पंचायत चुनाव की मतगणना 2 मई से शुरू हुई थी. 3 मई को दोपहर के बाद यह खत्म हुई लेकिन 47 सीट के सापेक्ष केवल धानी क्षेत्र के एक जिला पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशी की जीत की घोषणा की गई. देर रात तक अन्य जिला पंचायत सदस्य के उम्मीदवारों के चुनाव परिणाम सामने नहीं आ पाया था. जिला मुख्यालय पर प्रत्याशी जमे हुए थे. एडीएम कुंज बिहारी अग्रवाल का कहना है कि हर ब्लाक के सभी रिटर्निंग अधिकारी से जिला पंचायत सदस्य के उम्मीदवारों को मिले मत का ब्यौरा मांगा गया है. सूचनाएं मिलने में देरी हो रही है. जैसे ही सभी सूचनाएं मिल जाएंगी वैसे ही जिला पंचायत सदस्य पद के विजेता प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया जाएगा. उनको जीत का प्रमाण पत्र दे दिया जाएगा.

 

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