अगर घर में कोई गंभीर रूप से बीमार हो और उसे अस्पताल पहुंचाने की जरूरत हो तो सबसे पहले जिस चीज की याद आती है वो है एंबुलेंस. अब जिस तरह कोविड-19 महामारी के प्रकोप ने देश के तमाम राज्यों को जकड़ रखा है, ऐसे में एंबुलेंस की अहमियत बहुत बढ़ जाती है. लेकिन ऐसे में कोई खटारा एंबुलेंस रास्ते में ही जवाब दे जाए और उसे धक्के लगा कर ले जाने की नौबत आ जाए तो इसे आप क्या कहेंगे.
बीच रास्ते में एंबुलेंस खराब, मारा धक्का
ऐसा ही कुछ शनिवार रात को उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में देखने को मिला. यहां बड़ौत सीएचसी (कम्युनिटी हेल्थ सेंटर) की एक एंबुलेंस बीच रास्ते में ही जवाब दे गई. इस सरकारी एंबुलेंस को ड्राइवर और उसका एक साथी धक्का मारते नजर आए. इस घटना को किसी ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया और ये वीडियो वायरल हो गया. ये तो गनीमत है कि उस वक्त एंबुलेंस में कोई मरीज नहीं था. नहीं तो उस मरीज की जान पर भी बन आ सकती थी.
जिले के चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ आर के टंडन ने शनिवार रात को एंबुलेंस के रास्ते में खराब होने की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि ये एंबुलेंस एक मरीज को घर छोड़ने गई थी. रास्ते में लौटते वक्त ये खराब हो गई. फिर उसे दूसरी एंबुलेंस से खींच कर लाया गया.
स्वास्थ्य विभाग पर उठे गंभीर सवाल
ये सही है कि कोई भी वाहन कहीं भी खराब हो सकता है. लेकिन एंबुलेंस के इस तरह बीच रास्ते में जवाब देने पर लोग स्वास्थ्य विभाग से सवाल कर रहे हैं. उनका कहना है कि इस वक्त मरीजों को लाने-ले जाने में लगी सभी एंबुलेंस का रखरखाव टिपटॉप होना चाहिए. हर सुबह उनकी फिटनेस की जांच होनी चाहिए. खटारा एंबुलेंस को इस काम से दूर ही रखना चाहिए. जो मरीज गंभीर रूप से बीमार होते हैं उनके लिए एक-एक सेकेंड बहुत कीमती होता है. ऐसे में जरा सी भी देर घातक साबित हो सकती है.
प्रदेश में बेकाबू कोरोना
उत्तर प्रदेश में कोरोना की वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए भी ये मामला काफी गंभीर दिखाई पड़ता है. बीच रास्ते में किसी एंबुलेस का खराब होना ना सिर्फ इंसान की जिंदगी पर भारी पड़ सकता है बल्कि स्वास्थ्य महकमे पर भी कई तरह के सवाल खड़े कर जाता है. उत्तर प्रदेश में कोरोन स्थिति की बात करें तो हालात चिंताजनक बने हुए हैं. पिछले 24 घंटे में राज्य में 27 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं, वहीं 120 लोगों ने अपनी जान गंवा दी है. अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए योगी सरकार की तरफ से कहा गया है कि आने वाले दिनों में प्रदेश में 10 नए ऑक्सीजन प्लांट लगने वाले हैं.