योगी आदित्यनाथ की सरकार को लेकर अक्सर नाराजगी जाहिर करने वाले कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने फिर उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने शुक्रवार को कहा कि सरकार के रवैये को लेकर अगर यही हालात रहे तो जनता दूसरा विकल्प चुन लेगी.
प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने कहा, मोदी जी ने सभी के साथ मिलकर कांग्रेस का विकल्प तैयार किया था. यह तभी मुमकिन हुआ जब लोग कांग्रेस से नाराज हुए. हम लोग यूपी में सीना ठोक कर कहते हैं कि हमने सरकार बना ली, लेकिन यह सपा-बसपा की नाकामी की वजह से संभव हो सका था. सवाल है कि क्या हम बेहतर कर पा रहे हैं? अगर बेहतर काम नहीं कर पाए तो जनता दूसरा विकल्प तलाश लेगी.
योगी सरकार पर साधा निशानाPeople chose Modi Ji when they finally got an option other than Congress. It happened as they're unhappy with them. We're thumping our chest in UP that we've formed govt but it was due to SP-BSP. What good have we done? Maybe people'll get other option tomorrow: OP Rajbhar,UP Min pic.twitter.com/JJUtEqVuDb
— ANI UP (@ANINewsUP) April 27, 2018
इसी तरह राजभर ने कुशीनगर हादसे को लेकर योगी सरकार पर निशाना साधा. कुशीनगर हादसे का जिक्र करते हुए राजभर ने कहा कि जिस तरीके से आज चेकिंग हो रही है वैसे पहले से होती तो इस तरह की घटना नहीं घटती. उन्होंने कहा कि सिस्टम में निगरानी करना सरकार की जिम्मेदारी है. दो दो लाख रुपये से किसी की जिंदगी नहीं खरीदी जा सकती है.
आरक्षण का वादा नहीं किया पूरा
राजभर इस दौरान बीजेपी पर निशाना साधने से भी नहीं चुके. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में संघ के मकसद से हटकर काम हो रहा है, जो लोग कमजोर हैं उनको मजबूत करना चाहिए, लेकिन अब काम दूसरा हो रहा है. राजभर बिना नाम लिए योगी आदित्यनाथ को भी आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि साल भर तक बीजेपी के लोग और सरकार के मुखिया भारतीय समाज पार्टी को दरकिनार कर रखा था. यूपी की योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री राजभर ने कहा कि आरक्षण को उचित तरीके से लागू करने का वायदा किया गया था, लेकिन वो अभी तक पूरा नहीं किया गया है.
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले राजभर ने कहा था कि उत्तर प्रदेश सरकार में सबकी बात सुनी जाती है, फैसले कुछ चार-पांच लोग ही ले लेते हैं, लगता है कि मुझे उपेक्षित किया जा रहा है. इससे यूपी सरकार को असहज की स्थिति का सामना करना पड़ा था.