ग्रेटर नोएडा में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स तैयार होगा. केंद्र सरकार ने इसके लिए मंजूरी दी है. सरकार ने इसके लिए सभी जरूरी तैयारियां शुरू कर दी हैं. साल 2020 में गौतम बुद्ध नगर को कई बड़ी सौगात मिली है. अब केंद्र सरकार ने ग्रेटर नोएडा में तकरीबन 2000 करोड़ के निवेश का इंतजाम किया है. इससे गौतम बुध नगर में विकास की रफ्तार तेज हो जाएगी. बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की समिति ने औद्योगिक गलियारों के निर्माण की मंजूरी दी है.
उत्तर प्रदेश के इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कमिश्नर और ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के चेयरमैन आलोक टंडन की अध्यक्षता में बोर्ड की 121 वीं बैठक हुई. इस बैठक में नोएडा के 14 गांवों की जमीन खरीदने का फैसला किया गया है. इसके लिए 2000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. शहर में प्राधिकरण ने प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त के चार्ज आधे कर दिए हैं. जिससे आम आदमी को राहत मिलेगी.
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प्राधिकरण ने सभी श्रेणी के डिफाल्टरों को भी राहत दी है. एकमुश्त समाधान योजना का प्रस्ताव बोर्ड में मंजूर कर लिया गया है और इसे मंजूरी के लिए उत्तर प्रदेश शासन को भेज दिया गया है.
इसके मद्देनजर प्राधिकरण में कमर्शियल संस्थागत और औद्योगिक श्रेणी के डिफॉल्टर को एकमुश्त भुगतान करने की सहूलियत दी जाएगी. बोर्ड की बैठक में चेयरमैन आलोक टंडन, यमुना अथॉरिटी के सीईओ डॉ. अरुनवीर सिंह, नोएडा प्राधिकरण की सीईओ ऋतु माहेश्वरी मौजूद रहीं.
नोएडा प्राधिकरण में ट्रांसफर पॉलिसी लागू करने का फैसला किया गया है. आर्थिक मंदी को देखते हुए भूखंड हस्तांतरण पर लगने वाले शुल्क में 50 फीसदी की कटौती करने का प्रस्ताव रखा गया. तीनों प्राधिकरण में समरूपता के साथ ये स्कीम लागू करने के लिए संयुक्त कमेटी बनाकर इस प्रस्ताव का मूल्यांकन करके आगामी बोर्ड बैठक में रखने का आदेश दिया गया है.