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गोरखपुर-देवरिया क्षेत्र में चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का 472 करोड़ बकाया, सरकार ने भेजा नोटिस

गोरखपुर परिक्षेत्र की पांच चीनी मिलों पर 231.28 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य बकाया है. इसमें बस्ती जिले की रुधौली चीनी मिल पर सबसे ज्यादा 93.57 करोड़ रुपये का बकाया है.

गन्ना किसानों का करोड़ों का बकाया (फोटो-रॉयटर्स) गन्ना किसानों का करोड़ों का बकाया (फोटो-रॉयटर्स)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • गन्ना किसानों का 472 करोड़ बकाया
  • भारी रकम दबाकर बैठे हैं चीनी मिल
  • यूपी सरकार ने नोटिस भेजा

यूपी के गोरखपुर और देवरिया परिक्षेत्र की 13 चीनी मिलों पर किसानों के गन्ना मूल्य का 472 करोड़ रुपये का बकाया है. इसे लेकर नोटिस जारी किया गया है. इस नोटिस में कहा गया है कि चीनी की बिक्री से मिलने वाली रकम से सर्वप्रथम गन्ना किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान किया जाए. 

नोटिस के मुताबिक गोरखपुर परिक्षेत्र की पांच चीनी मिलों पर 231.28 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य बकाया है. इसमें बस्ती जिले की रुधौली चीनी मिल पर सबसे ज्यादा 93.57 करोड़ रुपये का बकाया है. इस मिल ने सिर्फ 29.39 फीसदी किसानों का ही गन्ना मूल्य भुगतान किया है, जबकि परिक्षेत्र का औसत गन्ना मूल्य भुगतान 73.45 फीसदी है. 

गोरखपुर क्षेत्र में सबसे ज्यादा बस्ती की बभनान चीनी मिल ने भुगतान किया है. इस मिल ने 85.26 फीसदी गन्ना मूल्य चुका दिया है. 

इसी तरह देवरिया परिक्षेत्र की चीनी मिलों पर 240.84 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया है. इस परिक्षेत्र का औसत भुगतान 81.57 फीसदी है. 

यहां पर सबसे ज्यादा 94.10 फीसदी भुगतान ढाढ़ाचीनी मिल ने किया है. दूसरे नम्बर पर सेवरही की चीनी मिल है जिसने 89.17 फीसदी भुगतान कर दिया है. 

देवरिया परिक्षेत्र में सबसे कम 45.01 फीसदी भुगतान, प्रतापपुर चीनी मिल ने किया है. अधिकारियों का ये भी मानना है कि कोरोना के चलते भुगतान में देरी हुई है लेकिन अब नोटिस देकर इन लोगों को जल्द भुगतान करने को कहा गया है ताकि किसानों की दिक्कतें कम हो. 

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