यूपी के फतेहपुर जिले से पिता-पुत्र के रिश्ते को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है. जिस पिता की उंगलियां पकड़कर चलना सीखा था, उसी को घर से बेघर कर दिया. बेटे की इस निर्दयता के चलते पिता दर-दर की ठोकरें खाने पर मजबूर हो गया. कई बार उसने बेटे से बात करने और समझाने की कोशिश की, लेकिन वो नहीं माना. इसके बाद बेबस पिता ने अधिकारियों से शिकायत करने के साथ ही भरण-पोषण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया. इस मामले में एसडीएम कोर्ट ने बुजुर्ग को हक दिलाने का फैसला सुनाया.
भरण पोषण अधिनियम के तहत दायर किया केस
फतेहपुर जिले के सदर कोतवली क्षेत्र के गंगानगर इलाके के रहने वाले रिटायर्ड शिक्षक रामनारायण द्विवेदी ने शिकायत की थी कि उसके बेटे ने घर से निकाल दिया है. कई बार उसने बेटे को समझाने और बात करने की कोशिश भी की, लेकिन वह मेरी बात सुनने को तैयार ही नहीं है. बेघर होने से मैं दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हूं. शिकायत करने के साथ ही बुजुर्ग ने भरण पोषण अधिनियम के तहत वाद दायर किया.
बुजुर्ग पिता के पक्ष में फैसला
एसडीएम कोर्ट ने बुजुर्ग पिता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए घर खाली कराने का आदेश जारी किया था. गुरुवार को इसी आदेश का पालन करते हुए राजस्व व पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और घर खाली कराने की कोशिश की. इस दौरान महिलाओं से टीम की नोकझोक हो गई. आरोप है कि महिलाओं ने काम में बाधा डालते हुए इसका विरोध किया.
पत्नी व बेटियों को ले गई पुलिस
महिला पुलिसकर्मियों ने रामनारायण द्विवेदी के बेटे की पत्नी व बेटियों को हिरासत में ले लिया और थाने ले गईं. उधर, राजस्व विभाग व पुलिस की संयुक्त टीम ने मकान खाली कराकर रामनारायण द्विवेदी को सुपुर्द कर दिया है.
(रिपोर्ट- नितेश श्रीवास्तव)