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दबंगों की दबंगई के चलते बिना बैंड, बाजे और घोड़ी के पहुंची दलित की बारात

यूपी के फिरोजाबाद में दो सगी बहनों की बारात बिना बैंड और बाजे के पहुंची क्योंकि रास्ते में कुछ दबंगों ने बारात  को रोक दिया था. पुलिस ने अपनी देख-रेख में बारात को घर तक पहुंचाया.

बिना बैंड-बाजे की बारात बिना बैंड-बाजे की बारात

फिरोजाबाद के राजवली की रहने वाली दो सगी बहनों की बारात को कुछ दबंग लोगों ने रास्ते में इसलिए रोक दिया क्योंकि वो बारात दलित समाज के युवकों की थी. इसके बाद में पुलिस ने दखल देकर बारात को बिना बैंड बाजे के साथ लड़की वालों के दरवाजे तक पहुंचाया. पुलिस अभिरक्षा में भी दूल्हा बिना घोड़ी और बिना बैंड के ही लड़की के दरवाजे पर पहुंचा.

रास्ते में ही रोक दी बारात
फिरोजाबाद के ग्रामीण इलाके के थाना नारखी के रजावली गांव के रहने वाले दलित जगदीश की दो पुत्रियों की शादी अलीगढ़ के रहने वाले दो भाइयों से तय थी. उनकी बारात रात को गांव में आई थी, पर जब बारात को तैयार कर लड़के वाले बैंड-बाजे के साथ वधु के घर की तरफ चलने लगे. तब उनकी बारात को गांव के ही कुछ दबंग व्यक्तियों ने रास्ते में रोक दिया.

पुलिस ने पहुंचाई बारात
बारात रोके जाने के बाद माहौल बिगड़ने लगा और आनन-फानन में पहुंची पुलिस ने दबंगों को रोका, लेकिन बारात फिर भी बैंड बाजे के साथ नहीं चली. हालांकि पुलिस ने अपनी मौजूदगी में बारात को वधु के दरवाजे तक पहुंचाया.

दलित की बारात का किया विरोध
वधु के पिता जगदीश के मुताबिक उन्हें पहले ही अंदेशा था कि गांव के कुछ दबंग उनका विरोध करेंगे क्योंकि दबंगों ने किसी दलित समाज की बारात गांव में न लाने की बात कही थी.

पुलिस को थी पहले से जानकारी
इस मामले में पुलिस और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाया जा रहा है क्योंकि पुलिस को पहले से ही पता था कि दबंग दोनों भाइयों की बारात नहीं जाने देंगे. पुलिस ने सुरक्षा भी दी, फिर भी बारात को बिना बैंड और बिना घोड़ी के क्यों लड़की के दरवाजे तक पहुंचाया. दबंगो के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है.

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