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योगी सरकार को घेरने के लिए सपा का पूरे UP में धरना प्रदर्शन

समाजवादी पार्टी के इस धरना कार्यक्रम में पार्टी से संबंधित सभी युवा संगठन, महिला सभा, सांसद, विधायक, पार्टी पदाधिकारी तथा कार्यकर्ता शामिल होंगे.

अखिलेश यादव (Getty Images) अखिलेश यादव (Getty Images)

जनहित के मुद्दों को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता 9 अगस्त को पूरे प्रदेश में धरना करेंगे. राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर यह फैसला लिया गया है.  9 अगस्त 1942 को महात्मा गांधी ने देश को 'अंग्रेजों भारत छोड़ों' के साथ 'करो या मरो' का मंत्र दिया था. इस अगस्त क्रांति के फलस्वरूप ही 15 अगस्त 1947 को देश को आजादी मिली थी. समाजवादी पार्टी के इस कार्यक्रम में पार्टी से संबंधित सभी युवा संगठन, महिला सभा, सांसद, विधायक, पार्टी पदाधिकारी तथा कार्यकर्ता शामिल होंगे.

पार्टी प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने बताया कि 9 अगस्त को प्रस्तावित धरना कार्यक्रम के मुख्य मुद्दे प्रदेश की कानून व्यवस्था में गिरावट के कारण जंगलराज की स्थिति, बच्चियों से दुष्कर्म और हत्याओं की बाढ़, बिजली कटौती, बिजली की दरों में वृद्धि, डीजल-पेट्रोल की मंहगाई, गन्ना किसानों का बकाया, गौशालाओं में गायों की मौत, अल्पसंख्यकों पर अत्याचार, आरक्षण पर संकट, भर्तियों में धांधली और भ्रष्टाचार आदि रहेंगे.

धरना कार्यक्रम में ईवीएम मशीन की जगह बैलेट पेपर से चुनाव, नकली शराब का धंधा बंद हो, शराब माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, खनन माफियाराज खत्म करने, सड़कों को गड्ढ़ा मुक्त करने की योजना में भ्रष्टाचार और हाईस्कूल इंटर की परीक्षा शुल्क में 150 से 182 प्रतिशत की बढ़ोतरी तथा छात्रों-युवाओं के उत्पीड़न के खिलाफ भी आवाज उठाई जाएगी.

समाजवादी पार्टी उन्नाव की रेप पीड़िता को न्याय दिलाने, कार्यकर्ताओं की हत्या तथा उत्पीड़न, फर्जी एनकाउंटर, सांसद मोहम्मद आजम खान के प्रति बदले की भावना से कार्रवाई का विरोध एवं सोनभद्र के उम्भा गांव में आदिवासियों के नाम जमीन आवंटित आदि मांगों को लेकर धरना किया जाएगा. उसके बाद जन समस्याओं के निराकरण के लिए जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल महोदया को ज्ञापन भी दिया जाएगा. यह धरना कार्यक्रम राज्य के सभी 75 जिलों में होगा.

वहीं, यूपी बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि अखिलेश यादव पूरी तरह हताश और निराश हैं. कश्मीर मुद्दे पर उन्होंने जनभावना के विपरीत काम किया है. उनकी सरकार के समय हुए भ्रष्टाचार के मामलों की जांच, एजेंसियों व राज्य सरकार ने शुरू कर दी है. आजम खान के भ्रष्टाचार भी जनता के सामने हैं. उनकी पार्टी द्वारा आयोजित धरना जन समर्थन न मिलने के चलते पूरी तरह विफल साबित होगा.

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