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आजादी गांधी के तकली-चरखे से नहीं मिली, ये भगत सिंह-सावरकर जैसों की देन: साध्वी

तमाम आलोचनाओं और विवादों के बावजूद विश्व हिन्दू परिषद की नेता साध्वी प्राची अपने बड़बोलेपन से बाज नहीं आ रही हैं. हिंदुओं को चार बच्चे पैदा करने की सलाह देने के बाद अब साध्वी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी पर विवादित बयान दे दिया है. अपने ताजा बयान में उन्होंने गांधी को अंग्रेजों का एजेंट बता दिया.

वीएचपी नेता साध्वी प्राची की फाइल फोटो वीएचपी नेता साध्वी प्राची की फाइल फोटो

तमाम आलोचनाओं और विवादों के बावजूद विश्व हिन्दू परिषद की नेता साध्वी प्राची अपने बड़बोलेपन से बाज नहीं आ रही हैं. हिंदुओं को चार बच्चे पैदा करने की सलाह देने के बाद अब साध्वी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी पर विवादित बयान दे दिया है. अपने ताजा बयान में उन्होंने गांधी को अंग्रेजों का एजेंट बता दिया.

यूपी के बहराइच में वीएचपी के 50वें समारोह के दौरान मंगलवार को साध्वी प्राची ने हिंदुओं के 4 बच्चे पैदा करने वाले बयान को भी दोहराया. यही नहीं, साध्वी ने बेतुकी बयानबाजी करते हुए कहा, 'देश को आजादी गांधी के तकली, चरखे से नहीं मिली. वो तो भगत सिंह और सावरकर जैसों की देन है. गांधी तो अंग्रेजों के एजेंट थे.'

साध्वी यहीं नहीं रुकी. उन्होंने हर विवादित मुद्दे को बहराइच में जिंदा किया. उन्होंने लव जिहाद पर एक बार फिर जहर उगलते हुए लोगों को खान एक्टर्स की फिल्में देखने से भी मना किया. साध्वी ने कहा, 'लव जिहाद में खान अभि‍नेताओं का बड़ा हाथ है. इनकी फिल्में मत देखो.'

दूसरी ओर, हिंदुओं से चार बच्चे पैदा करने की अपील करके चर्चा में आई वीएचपी नेता ने कहा कि दो से अधिक बच्चे पैदा करने वाले लोगों का मताधिकार समाप्त कर देना चाहिए. साध्वी ने कहा कि कानून बनाकर सभी धर्मों के लोगों के लिए दो बच्चों की अनिवार्यता तय की जानी चाहिए और इससे ज्यादा बच्चे पैदा करने वालों का मताधिकार समाप्त करके उन्हें मिलने वाली सरकारी सुविधाएं समाप्त कर देनी चाहिए.

साध्वी ने कहा कि उन्होंने हिंदुओं से चार बच्चे पैदा करने को कहा था, जिन लोगों को उनके इस बयान पर ऐतराज है वह सामने आकर दो बच्चों की अनिवार्यता का कानून बनाने पर बहस करें. साध्वी ने अपने अंदाज में कहा कि जो भारत मां की जय और वंदे मातरम कहने से परहेज करे, तिरंगे का अपमान करे और गोहत्या कराए वह भारत में रहने का हकदार नहीं है.

हालांकि यह पहली बार नहीं है, जब राष्ट्रपिता को किसी ने ब्रिटिश एजेंट बताया है. इससे पहले पूर्व जज मार्कण्डेय काटजू ने भी गांधी को अंग्रेजों का एजेंट बताया था.

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