2017 में होने वाले से पहले गांवों में अपनी पकड़ मजबूत बनाने के लिए ली है. आरएसएस की निगाहें दलित बहुल गांवों पर टिकी हैं. आरएसएस सरकार्यवाह सुरेश 'भैयाजी' जोशी ने संघ कार्यकर्ताओं को राज्य के हर गांव में शाखा लगाने का आदेश दिया है.
जोशी ने में रहने वाले लोगों से संपर्क बढ़ाने का निर्देश दिया है. साथ ही दलितों को उनकी के बारे में बताए जाने पर भी जोर दिया है.
सेंट्रल यूपी के पांच दिनों के दौरे पर निकले जोशी ने पिछले दो दिनों में सीतापुर और लखीमपुर खीरी में संघ कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. सीतापुर के नैपालापुर के नंदी देवी विद्या मंदिर में संघ सभा को संबोधित करते हुए जोशी ने अपनी गाइडलाइन जारी की और 2017 के विधानसभा चुनावों से पहले गांवों में हिंदुओं को एकजुट करने के लिए कार्यकर्ताओं को जुट जाने को कहा.
जोशी ने कहा, 'शहरों में हमने अपनी पहचा मजबूत बना ली है, लेकिन गांवों में अभी भी पकड़ कमजोर हैं. अब समय आ गया है कि दलितों को बड़े पैमाने पर अपने अभियान में शामिल किया जाए. इसके साथ ही गांवों में हिंदुओं की एकता के विचार को विस्तार देने का समय है.'
राज्य के दो शहरों के 199 गांवों के 398 प्रतिनिधि बैठक में उपस्थित रहे. इसके अलावा बैठक में 35 दलित भी उपस्थित रहे, जिन्हें संघ कार्यकर्ता जोशी से मिलवाने के लिए लेकर आए थे, ताकि संघ के बारे में वे अपनी समझ बना सके. गौरतलब है कि हाल ही में जोशी ने एक बयान में कहा था कि मुगलों के आगमन से पहले शूद्र (दलित) इस देश में अछूत नहीं थे.
इससे पहले जोशी ने मंगलवार को लखनऊ के उपशहरीय इलाकों में इस तरह की बैठक की थी. इस बैठक में उन्होंने संघ की कार्यप्रणाली के बारे में ग्रामीणों की राय को समझने पर जोर दिया था.