scorecardresearch
 

'एक असहाय बाप की आपसे विनती है, मेरे बच्चे की जान बचा लें', रिटायर्ड फौजी का सीएम योगी को पत्र

लखनऊ के रहने वाले एक रिटायर्ड फौजी ने सीएम योगी को पत्र लिख अपने बेटे के इलाज के लिए आर्थिक मदद देने की गुहार लगाई है. आर्मी से रिटायर्ड बालाजी त्रिपाठी के बेटे को कोरोना हो गया था. उसका रेस्पिरेटरी सिस्टम फेल हो गया है और वेंटिलेटर पर है. बालाजी अभी तक सारी जमापूंजी खर्च कर चुके हैं.

सीएम योगी से आर्थिक मदद देने की अपील की है. (फाइल फोटो-PTI) सीएम योगी से आर्थिक मदद देने की अपील की है. (फाइल फोटो-PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सीएम योगी से पिता की गुहार
  • मेरे बच्चे की जान बचा लें

लखनऊ के रहने वाले एक रिटायर्ड फौजी ने कोरोना से जूझ रहे अपने बेटे की जान बचाने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाई है. सेना में रहे पूर्व सैनिक बालाजी त्रिपाठी ने सीएम योगी को पत्र लिखकर कहा है कि वो अपने बेटे के इलाज के लिए अब तक अपनी सारी जमापूंजी खर्च कर चुके हैं. उनके पास अब घर बेचने के अलावा और कोई रास्ता नहीं है. इसलिए उन्होंने सीएम योगी से आर्थिक मदद करने की गुहार लगाई है. 

दरअसल, सेना से रिटायर्ड बालाजी त्रिपाठी के 25 साल के बेटा अभिषेक एक किडनी के साथ ही पैदा हुआ था. 2016 में उसका किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था. अप्रैल में अभिषेक को कोरोना हो गया. उसके फेफड़े 75% तक संक्रमित हो चुके थे. आनन-फानन में उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. 27 अप्रैल को अभिषेक की तबीयत बिगड़ने लगी और सांस उखड़ने लगी, जिसके बाद L3 लेवल के चंदन हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया.

5 मई को अभिषेक की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उसे नॉन-कोविड वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया. लेकिन उसका रेस्पिरेटरी सिस्टम फेल हो गया और वेंटिलेटर पर शिफ्ट कर दिया गया. इस दौरान रिटायर्ड फौजी पिता ने अपनी जमापूंजी का तकरीबन 20 लाख रुपए इलाज पर खर्च कर दिया लेकिन अब आगे खर्च करने के लिए उनके पास पैसा नहीं बचा है. इसके बाद उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार की है.

सीएम योगी को लिखे पत्र में रिटायर्ड सैनिक बालाजी त्रिपाठी ने लिखा है, "इलाज में मेरी सारी जमापूंजी करीब 20 लाख रुपए खर्च हो गए हैं और अब मैं पैसों के लिए मोहताज हूं. एक भूतपूर्व सैनिक और एक असहाय बाप की आपसे विनती है कि मुझे आर्थिक सहायता प्राप्त करवाएं और बच्चे की जान बचा लें. मेरे पास मेरा दो कमरे का छोटा सा मकान बेचने के अलावा कोई रास्ता नहीं है. कृपया मेरी मदद करें. मदद करें मेरी."

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें