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ऐसा राम मंदिर बने जो पाकिस्तान के कराची, लाहौर और इस्लामाबाद से भी दिखाई दे: राम विलास वेदांती

वेदांती ने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि इस बैठक में हमारे लोग भारत के इतिहास का अहम निर्णय लेंगे. अयोध्या के इतिहास के महत्व का निर्णय लेंगे.

राम मंदिर ट्रस्ट की पहली बैठक में कई अहम मुद्दों पर होगी चर्चा राम मंदिर ट्रस्ट की पहली बैठक में कई अहम मुद्दों पर होगी चर्चा

  • राम मंदिर ट्रस्ट की आज होगी पहली बैठक
  • विश्व का सबसे ऊंचा मंदिर चाहते हैं वेदांती

राम मंदिर ट्रस्ट की आज पहली बैठक होनी है. इससे पहले पूर्व सांसद राम विलास वेदांती ने कहा है कि वो चाहते हैं कि विश्व का सबसे ऊंचा 1111 फुट ऊंचा मंदिर बने.

राम विलास वेदांती ने कहा, 'मैं चाहता हूं कि विश्व का सबसे ऊंचा 1111 फुट ऊंचा मंदिर बने. इस बैठक में यह निर्णय होना चाहिए. मैं जानता हूं कि इस देश के हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध सभी लोग चाहते हैं कि भव्य रामलला का मंदिर का निर्माण हो. आज वह बैठक हो रही है. यह एक ऐतिहासिक बैठक है. बाबर ने 1528 में मंदिर तोड़ा था. उसके बाद भारत सरकार के जरिए निर्मित किए किसी ट्रस्ट की यह पहली बैठक है.'

इतिहास का अहम निर्णय

वेदांती ने कहा, 'मुझे पूर्ण विश्वास है कि इस बैठक में हमारे लोग भारत के इतिहास का अहम निर्णय लेंगे. अयोध्या के इतिहास के महत्व का निर्णय लेंगे, अयोध्या के वैभव को बढ़ाने का निर्णय लेंगे. अयोध्या में ऐसा मंदिर बनाने का निर्णय हो, जो विश्व का मंदिर बने, जो अंतरराष्ट्रीय मंदिर के रूप में पहचान हासिल कर सके. जिसमें विश्व के सभी लोग दर्शन करने आए. जिसमें हम लोग विश्व के लोगों का स्वागत करें.'

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राम विलास वेदांती का कहना है, 'हम चाहते हैं कि मंदिर का निर्माण हो. ट्रस्ट में रहूं या ना रहूं लेकिन मंदिर का निर्माण होना चाहिए. कोई जरूरी नहीं है कि हम ट्रस्ट में रहे. मंदिर जल्दी बनने वाला नहीं है क्योंकि पहले रामलला की स्थापना के लिए अलग से एक छोटा मंदिर बनाना पड़ेगा. जहां उनको स्थापित किया जाएगा.'

उन्होंने कहा, 'जहां रामलला विराजमान है, वहां भूमि का शोधन करने के बाद 50 फुट गहरी खाई को पाटना पड़ेगा. चारों तरफ चारदीवारी बनानी पड़ेगी. भवन को भव्यता देने के लिए हम सब लोगों ने मीटिंग करके जो पत्थर बाहर रखा था, उस पत्थर का भी उपयोग होना चाहिए.'

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राम विलास वेदांती ने कहा, 'मेरी इच्छा है कि विश्व का ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय मंदिर बने. ऐसा मंदिर कहीं ना हो. ऐसा मंदिर बने जो पाकिस्तान के इस्लामाबाद से दिखाई दे. कराची, लाहौर, श्रीनगर, दिल्ली, कोलकाता, काठमांडू के अलावा श्रीलंका से भी दिखाई दे.'

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