scorecardresearch
 

बीएसपी में मायावती के खि‍लाफ बगावती सुर, 'मनी मिशन' और 'दौलत की बेटी' का आरोप

यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती पर उनकी पार्टी में बगावती सुर तेज हो गए हैं. बीएसपी में हाशिये पर डाले गए राज्यसभा सदस्य और पूर्व समन्वयक जुगल किशोर ने पार्टी प्रमुख मायावती पर धन लेकर चुनाव की सीटें बेचने का इल्जाम लगाया है. उन्होंने इन आरोपों की सीबीआई जांच की मांग की, वहीं जुगल किशोर के समर्थन में अब पार्टी के विधायक बाला प्रसाद अवस्थी भी खड़े हो गए हैं. अवस्थी ने मायावती पर तत्कालीन मंत्रिमंडल में पैसे लेकर जगह देने का आरोप लगाया है.

बीएसपी प्रमुख मायावती बीएसपी प्रमुख मायावती

यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती पर उनकी पार्टी में बगावती सुर तेज हो गए हैं. बीएसपी में हाशिये पर डाले गए राज्यसभा सदस्य और पूर्व समन्वयक जुगल किशोर ने पार्टी प्रमुख मायावती पर धन लेकर चुनाव की सीटें बेचने का इल्जाम लगाया है. उन्होंने इन आरोपों की सीबीआई जांच की मांग की, वहीं जुगल किशोर के समर्थन में अब पार्टी के विधायक बाला प्रसाद अवस्थी भी खड़े हो गए हैं. अवस्थी ने मायावती पर तत्कालीन मंत्रिमंडल में पैसे लेकर जगह देने का आरोप लगाया है.

राज्यसभा सदस्य जुगल किशोर ने धन लेकर चुनाव का टिकट देने के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 2012 के विधानसभा चुनाव में कस्ता सीट से उनके बेटे सौरभ सिंह को टिकट देने के लिए उनसे 50 लाख रुपये मांगे गए थे. बीते मई में बीएसपी के पूर्वी यूपी के जोनल समन्वयक पद से और रविवार को दिल्ली व बिहार के पार्टी प्रभारी पद से हटाए गए किशोर ने चुनाव टिकट बेचने के आरोपों की सीबीआई जांच कराने की मांग की है. उन्होंने दावा किया कि अगर मामले की निष्पक्ष जांच हो तो बीएसपी के अनेक विधायक मायावती द्वारा चुनाव का टिकट बेचे जाने की गवाही देकर उन्हें बेनकाब कर देंगे.

कभी मायावती के बेहद करीबी माने जाने वाले राज्यसभा सदस्य ने कहा कि चुनाव के टिकटों का सौदा किए जाने के खिलाफ आवाज उठाने की वजह से ही उन्हें हाशिये पर ला दिया गया है. मायावती को दुनिया की सबसे अमीर राजनेता बताते हुए किशोर ने कहा कि पिछले कुछ समय से ‘दलित मिशन’ को किनारे करके ‘मनी मिशन’ शुरू कर दिया गया है.

लखनऊ, नोएडा और दिल्ली में बहुजन प्रेरणा केंद्रों की स्थापना में बड़े पैमाने पर गड़बड़ि‍यों का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, 'दलितों के खून-पसीने की कमाई से बने इन केंद्रों को बाद में ट्रस्ट में तब्दील कर दिया गया और खुद मायावती, उनके भाई आनंद और करीबी सतीश चन्द्र मिश्र उसके ट्रस्टी बन गए.' उन्होंने कहा कि वह अपने करीबी साथियों और कार्यकर्ताओं से विचार-विमर्श के बाद ही किसी अन्य दल में जाने का फैसला करेंगे. हालांकि बीजेपी के प्रति नरम रुख अपनाते हुए किशोर ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और महामना मदन मोहन मालवीय को ‘भारत रत्न’ दिए जाने का समर्थन किया.

पैसे देता तो बन जाता मंत्री
दूसरी ओर, लखीमपुर खीरी जिले की मोहम्मदी विधानसभा सीट से पार्टी विधायक बाला प्रसाद अवस्थी का आरोप है कि पूर्व सीएम ने उन्हें पैसे न दे पाने के कारण ही तत्कालीन मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया था. जुगल किशोर का समर्थन करने वाले अवस्थी धौरहरा विधानसभा सीट से पहली बार बीजेपी और दूसरी बार बीएसपी के सीट पर चुनाव लड़े. तीसरी बार उन्हें बीएसपी ने मोहम्मदी विधानसभा सीट से उतारा.

बाला प्रसाद अवस्थी ने कहा, 'बहुजन समाज पार्टी में टिकट बेंचे जाते हैं. मायावती जी के द्वारा अनुसूचित सीटों के लिए 50 लाख, सामान्य वर्ग की सीटों के लिए एक करोड़ से डेढ़ करोड़ और दो करोड़ रुपये लिए जाते हैं. कभी कैलेंडर के नाम पर तो कभी किताब के नाम पर, प्रदेश में कोई चुनाव हो तो पैसा कार्यकर्त्ता-विधायक और सांसदों को देना पड़ता है.

दलित नहीं, दौलत की बेटी
बीएसपी विधायक ने मायावती को दौलत की बेटी बताते हुए कहा कि उनको दौलत से प्रेम है. वह न तो अपने मिशन से प्यार करती हैं और न ही अपने कार्यकर्ताओं से. बाला प्रसाद अवस्थी ने कहा कि 2007 में जब प्रदेश में बीएसपी की सरकार बनी तो सर्वाधिक वोटों से जीत हासिल करने के बाद भी उन्हें मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली, क्योंकि इसके लिए उनसे पैसे मांगे गए और उन्होंने नहीं दिए.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें