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ग्रेटर नोएडा: रोज कूड़ा उठ रहा या नहीं, घर पर लगा क्यूआर कोड खोलेगा पोल

ग्रेटर नोएडा में रोजाना करीब 200 टन कूड़ा निकलता है. प्राधिकरण ने डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का सिस्टम बना रखा है. इस काम में दो कंपनियां लगी हुई हैं. दोनों कंपनियों का टेंडर अगले महीने खत्म हो रहा है. इसे देखते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ ने नया टेंडर निकाला है.

फाइल फोटो फाइल फोटो
स्टोरी हाइलाइट्स
  • डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के नए टेंडर में हुए कई प्रावधान
  • जीपीएस से कनेक्ट होंगे कूड़ा ढोने में लगे वाहन

आपके घर का कूड़ा रोज उठ रहा है कि नहीं, इसकी जानकारी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण तक आपके घर पर लगे क्यूआर कोड से पहुंच जाएगी. अगर वेंडर की तरफ से नियमित रूप से कूड़ा उठाने में लापरवाही हो रही है तो प्राधिकरण उस पर कार्रवाई भी कर सकेगा. इस पहल से निवासियों के घरों से रोज कूड़ा उठेगा. इससे ग्रेटर नोएडा को और स्वच्छ बनाने में बहुत मदद मिलेगी.

ग्रेटर नोएडा में रोजाना करीब 200 टन कूड़ा निकलता है. प्राधिकरण ने डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का सिस्टम बना रखा है. इस काम में दो कंपनियां लगी हुई हैं. दोनों कंपनियों का टेंडर अगले महीने खत्म हो रहा है. इसे देखते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण के निर्देश पर जनस्वास्थ्य विभाग ने टेंडर निकाल दिया है. 

नए टेंडर में हुए कई बदलाव

आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तिथि 28 सितंबर है. 29 सितंबर को प्री-क्वालिफिकेशन बिड खुलेगी. चयनित कंपनी अगले 10 साल तक घरों से कूड़ा उठाएगी और उसे प्लांट तक पहुंचाएगी. कूड़ा उठाने की मौजूदा तकनीकी में काफी बदलाव किया गया है. प्राधिकरण डिजिटल तकनीक के जरिए कूड़ा उठाने की प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखेगा. हर घर पर क्यूआर कोड लगेगा. कूड़ा उठाने वाला कर्मचारी जब भी उस घर से कूड़ा उठाने जाएगा तो वह मोबाइल स्कैनर के जरिए उसे स्कैन करेगा. 

वाहनों में लगेंगे क्यूआर कोड 

स्कैन करते ही कूड़ा उठाए जाने की सूचना वेंडर तक पहुंच जाएगी. वेंडर इसकी मासिक सूचना प्राधिकरण के समक्ष रखेगा. ग्रेटर नोएडा के गांव हो या सेक्टर, सभी घरों में क्यूआर कोड लगेगा.  इसी तरह कूड़ा उठाने में लगे वाहनों की निगरानी जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) तकनीक के जरिए भी होगी. इससे कौन सा वाहन किस एरिया में कब गया है,  यह जानकारी प्राधिकरण तक पहुंचती रहेगी. 

सीसीटीवी भी लगेंगे

अभी तक सिर्फ सड़कों की मैकेनिकल स्वीपिंग में लगे वाहनों में ही जीपीएस का इस्तेमाल किया जा रहा था. कूड़े के प्रोसेसिंग प्लांट पर सीसटीवी कैमरे लगे होंगे. इसके जरिए कूड़ा ढोने में लगे वाहनों के आने-जाने पर नजर रखा जाएगा. ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की वेबसाइट पर भी इसके बारे में पूरी जानकारी होगी. डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का नया सिस्टम लागू होने पर भी अगर कोई खामी रहती है तो निवासी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मित्रा एप पर शिकायत कर सकते हैं. ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का नया टेंडर जल्द फाइनल होने और निवासियों को और बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद जताई. 

 

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