कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े किए. प्रियंका गांधी ने ट्विटर पर लिखा, 'उत्तर प्रदेश सरकार के नेता प्रदेश में लगातार बढ़ते अपराध पर मेरे ट्वीट का कुछ भी झूठ मूठ जवाब दे दें, मगर पुरानी कहावत है - हाथ कंगन को आरसी क्या, पढ़े लिखे को फ़ारसी क्या. उत्तर प्रदेश में अपराधियों के कारनामे चरम पर हैं और जनता पूछ रही है कि ऐसा क्यों?'
प्रियंका गांधी वाड्रा ने अभी हाल में यूपी में अपराधों के बढ़ते आंकड़े को लेकर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर हमला बोला था. प्रियंका गांधी ने राज्य में आपराधिक गतिविधियों में उछाल को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार की खिंचाई की थी. उन्होंने कहा था, "पूरे उत्तर प्रदेश में अपराधी खुलेआम मनमानी करते घूम रहे हैं. एक के बाद एक आपराधिक घटनाएं हो रही हैं. मगर बीजेपी सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही. क्या उत्तर प्रदेश सरकार ने अपराधियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है?"
उप्र सरकार के नेता प्रदेश में लगातार बढ़ते अपराध पर मेरे ट्वीट का कुछ भी झूठ मूठ जवाब दे दें, मगर पुरानी कहावत है ‘हाथ कंगन को आरसी क्या, पढ़े लिखे को फ़ारसी क्या’।
उत्तर प्रदेश में अपराधियों के कारनामे चरम पर हैं और जनता पूछ रही है कि ऐसा क्यों?https://t.co/VlDuEWMVFo
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) July 3, 2019
प्रियंका गांधी ने हिंदी में ट्वीट करते हुए राज्य में अलग अलग आपराधिक घटनाओं की खबरों वाला एक कोलाज भी पोस्ट किया. यह पहली बार नहीं है, जब कांग्रेस महासचिव प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर हमला बोल रही हों. उन्होंने प्रदेश में महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर भी सरकार से सवाल किया था.
प्रियंका गांधी ने एक और ट्वीट में योगी सरकार पर हमला बोला और कहा कि "यूपी बीजेपी सरकार अनुदेशकों के ऊपर अत्याचार किए जा रही है. 17,000 रुपए प्रतिमाह वेतनमान का वादा पूरा करना तो दूर अब उनके 8,470 रुपए मानदेय में भी कटौती कर रही है. क्या यूपी सरकार के पास इस धोखेबाजी का कोई जवाब है?" प्रियंका गांधी ने इस ट्वीट के साथ एक अखबार पर छपी खबर को भी साझा किया है, जिसमें लिखा है कि अनुदेशकों का मानदेय घटकर सात हजार रुपए हुआ.