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न्यायपूर्ण समाज के लिए और महिला जज-वकीलों की जरूरत: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद

एक दिन के प्रयागराज दौरे पर पहुंचे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट में आयोजित एक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का शुभारंभ किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि न्यायपूर्ण समाज के लिए और महिला जज-वकीलों की जरूरत है.

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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
स्टोरी हाइलाइट्स
  • उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का शुभारंभ किया
  • राष्ट्रपति कोविंद, सीजेआई समेत कई लोग रहे मौजूद

एक दिन के प्रयागराज दौरे पर पहुंचे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट में आयोजित एक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का शुभारंभ किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि न्यायपूर्ण समाज के लिए और महिला जज-वकीलों की जरूरत है. कमजोर वर्गों को मदद पहुंचाने के लिए कानूनी प्रणाली के काम करने के तरीके में अधिक संवेदनशीलता और बदलाव लाने की जरूरत है.

उन्होंने कहा, ''न्याय तो हर कोई चाहता है लेकिन गरीब और कमजोर वर्ग के लिए न्याय तक पहुंचना आसान नहीं है. सभी को न्याय दिलाने में सरकार के सभी अंगों की सफलता की परीक्षा होगी.'' राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए कि प्रयागराज में नए एनएलयू में शुरू से ही महिला टीचर्स और शिक्षकों की अधिक भागीदारी हो. उन्होंने 128 साल पहले साल 1893 में आज के ही दिन धर्म संसद में शिकागो में दिए गए स्वामी विवेकानंद के भाषण को भी दिया किया और कहा कि उन्होंने दिखाया कि भारतीय संस्कृति न्याय, सहानुभूति और सहयोग पर आधारित है.

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने कहा कि अगर दुनिया ने 1893 में विवेकानंद के सहयोग, सहानुभूति के संदेश को स्वीकार कर लिया होता, तो दुनिया को 9/11 के आतंकी हमले का गवाह नहीं बनना पड़ता जो मानवता पर हमला था. वहीं, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमना ने कहा कि इलाहाबाद हाई कोर्ट में विशेष रूप से आपराधिक मामलों का लंबित होना अत्यंत चिंताजनक है. सीजेआई ने राष्ट्रपति कोविंद को लगातार प्रोत्साहित करने के लिए धन्यावाद भी किया. उन्होंने कहा कि मैं उत्तर प्रदेश में न्यायपालिका के बुनियादी ढांचे में सुधार की प्रतिबद्धता के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी बधाई देता हूं.

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केंद्रीय कानून मंत्री किरन रिजिजू ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया. उन्होंने दावा किया कि सरकार संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में मध्यस्थता पर विधेयक पेश करेगी. रिजिजू ने कहा, ''सरकार देश के सभी लॉ यूनिवर्सिटीज के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए उनके साथ काम करेगी. हम न्यायपालिका की स्वतंत्रता में विश्वास करते हैं. हम आम आदमी को न्याय दिलाने के लिए न्यायपालिका के साथ मिलकर काम करेंगे.'' 

 

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